DATE: 31 May 2026, Sunday | भारत का भरोसेमंद जानकारी पोर्टल
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अपना बिजनेस शुरू करने के लिए पाएं 50 लाख तक का लोन और 35% सब्सिडी (विस्तृत जानकारी)

PMEGP लोन योजना 2026: अपना बिजनेस शुरू करने के लिए पाएं 50 लाख तक का लोन और 35% सब्सिडी (विस्तृत जानकारी)

भारत जैसे विशाल और युवा आबादी वाले देश में बेरोजगारी एक बहुत बड़ी चुनौती है। हर युवा को सरकारी या प्राइवेट नौकरी मिल पाना संभव नहीं है। इसी वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises – MSME) ने युवाओं को ‘नौकरी मांगने वाले’ (Job Seekers) के बजाय ‘नौकरी देने वाले’ (Job Creators) बनाने के लिए एक अत्यंत महत्वाकांक्षी और कल्याणकारी योजना की शुरुआत की है, जिसका नाम है— प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (Prime Minister’s Employment Generation Programme – PMEGP)। ‘मेक इन इंडिया’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में यह योजना एक रीढ़ की हड्डी (Backbone) साबित हो रही है।

PMEGP योजना मुख्य रूप से भारत सरकार की दो पुरानी योजनाओं— प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम (REGP) को मिलाकर बनाई गई है। इस योजना का संचालन राष्ट्रीय स्तर पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा किया जाता है, जबकि राज्य स्तर पर इसे राज्य खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड (KVIB) तथा जिला उद्योग केंद्र (DIC) के माध्यम से लागू किया जाता है। वर्ष 2026 में इस योजना को और भी अधिक व्यावहारिक और लाभकारी बना दिया गया है। यदि आप अपना कोई नया उद्योग (Manufacturing Unit) स्थापित करना चाहते हैं, कोई नई फैक्ट्री लगाना चाहते हैं, या सेवा क्षेत्र (Service Sector/Business) में कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो आप PMEGP के तहत किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक से 50 लाख रुपये तक का बड़ा लोन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

PMEGP योजना की सबसे बड़ी और आकर्षक विशेषता इसकी ‘मार्जिन मनी सब्सिडी’ (Margin Money Subsidy) है। सरकार आपके प्रोजेक्ट की कुल लागत का 15% से लेकर 35% तक का हिस्सा सब्सिडी (अनुदान) के रूप में वापस कर देती है, जिसे आपको कभी नहीं चुकाना होता है। यह सब्सिडी सीधे आपके लोन खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे आपका मूलधन काफी कम हो जाता है। अब आपको लोन के लिए बैंक के या सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की कोई आवश्यकता नहीं है। आप KVIC के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और अपनी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) सबमिट कर सकते हैं। आइए इस योजना के उद्देश्य, लाभ, सब्सिडी की संरचना, आवश्यक दस्तावेज, डीपीआर बनाने का तरीका और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया को बहुत ही विस्तार से समझते हैं।

योजना के मुख्य उद्देश्य (Objectives of PMEGP Scheme)

  • देश के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यमों (Micro Enterprises), उद्योगों और व्यापारिक इकाइयों की स्थापना के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा करना।
  • पारंपरिक कारीगरों, बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों से युवाओं का शहरों की तरफ पलायन (Migration) रोकना, ताकि वे अपने ही गाँव या कस्बे में रहकर अच्छी आमदनी कर सकें।
  • कारीगरों की आय कमाने की क्षमता को बढ़ाना और देश की जीडीपी (GDP) में उनके योगदान को सुनिश्चित करना।

लोन की सीमा और प्रोजेक्ट की अधिकतम लागत (Loan Limits & Sectors)

PMEGP के तहत आप मुख्य रूप से दो प्रकार के सेक्टर में अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं। भारत सरकार ने दोनों सेक्टर्स के लिए लोन की अधिकतम सीमा (Maximum Project Cost) अलग-अलग निर्धारित की है:

  • 1. विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector) – अधिकतम 50 लाख रुपये:
    यदि आप कोई ऐसा उद्योग लगाते हैं जिसमें कच्चे माल (Raw Material) का उपयोग करके मशीनों के द्वारा कोई नया उत्पाद (Product) बनाया जाता है, तो आप इस श्रेणी में आते हैं। इसके तहत आप अधिकतम 50 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट के लिए लोन ले सकते हैं।
    उदाहरण: आटा चक्की, मसाला उद्योग, बेकरी उत्पाद, पेपर कप/प्लेट मेकिंग, ईंट (Fly Ash Bricks) बनाने का उद्योग, अगरबत्ती निर्माण, कपड़ा सिलाई फैक्ट्री, फर्नीचर उद्योग, एल्युमीनियम के बर्तन बनाना आदि।
  • 2. सेवा / व्यापार क्षेत्र (Service / Trading Sector) – अधिकतम 20 लाख रुपये:
    यदि आप कोई ऐसा व्यवसाय शुरू करते हैं जिसमें कोई सामान नहीं बनाया जाता, बल्कि सेवा (Service) प्रदान की जाती है या बनी-बनाई चीजों को बेचा जाता है (Trading), तो आप अधिकतम 20 लाख रुपये तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं। (नोट: ट्रेडिंग केवल PMEGP के विशेष नियमों के तहत ही मान्य है)
    उदाहरण: ब्यूटी पार्लर, सैलून, साइबर कैफे, कंप्यूटर सेंटर, रेस्टोरेंट, ढाबा, टेंट हाउस, ऑटो रिपेयरिंग गैरेज, मोबाइल रिपेयरिंग शॉप, लॉन्ड्री/ड्राई क्लीनिंग आदि।

सब्सिडी (Margin Money) और अंशदान का गणित (Subsidy Structure 2026)

PMEGP में सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी (छूट) इस बात पर निर्भर करती है कि आवेदक किस वर्ग (General / Special) से आता है और उसका उद्योग किस क्षेत्र (शहरी या ग्रामीण) में लगाया जा रहा है। इसके अलावा आवेदक को अपनी तरफ से भी कुछ प्रतिशत पैसा (Own Contribution / Margin Money) लगाना होता है:

आवेदक का वर्ग (Category) आवेदक का अपना अंशदान (Own Contribution) शहरी क्षेत्र में सब्सिडी (Urban Subsidy) ग्रामीण क्षेत्र में सब्सिडी (Rural Subsidy)
सामान्य वर्ग
(General Category – Male)
प्रोजेक्ट लागत का 10% 15% 25%
विशेष वर्ग (Special Category)
(SC / ST / OBC / Minorities / Women / Ex-servicemen / PH / North East)
प्रोजेक्ट लागत का केवल 5% 25% 35%

सब्सिडी का उदाहरण (Calculation Example):

मान लीजिए कि एक महिला (विशेष वर्ग) ग्रामीण क्षेत्र (Rural Area) में पेपर कप बनाने का उद्योग (Manufacturing) लगाना चाहती है, जिसकी कुल प्रोजेक्ट लागत (DPR के अनुसार) ₹10,000,000 (10 लाख रुपये) है।
1. आवेदक का अंशदान (5%): ₹50,000 उसे अपनी जेब से लगाने होंगे。
2. सरकार की सब्सिडी (35%): ₹3,50,000 उसे सरकार की तरफ से मार्जिन मनी के रूप में मुफ्त मिलेंगे。
3. बैंक का लोन (60%): शेष ₹6,00,000 का बैंक द्वारा टर्म लोन (Term Loan) किया जाएगा, जिसकी उसे आसान किश्तें (EMI) चुकानी होंगी।

PMEGP लोन के लिए आवश्यक पात्रता (Eligibility Criteria)

  • आयु सीमा: आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए। (इस योजना में आवेदन करने की कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं है)।
  • शैक्षणिक योग्यता (Education): यदि आप विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing) में 10 लाख रुपये से अधिक और सेवा क्षेत्र (Service) में 5 लाख रुपये से अधिक का प्रोजेक्ट लगा रहे हैं, तो आपका कम से कम 8वीं कक्षा पास होना अनिवार्य है। इससे कम राशि के प्रोजेक्ट के लिए कोई विशेष शैक्षिक योग्यता निर्धारित नहीं है।
  • केवल नए व्यवसाय (New Projects Only): यह लोन केवल नई स्थापित होने वाली इकाइयों (New Projects) के लिए उपलब्ध है। पहले से चल रहे पुराने व्यवसाय (Existing units) इसके पात्र नहीं हैं।
  • सब्सिडी का नियम: आवेदक ने केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य योजना (जैसे- PMRY, REGP, PMEGP, MUDRA, मुख्यमंत्री रोजगार योजना आदि) के तहत पहले कोई सरकारी सब्सिडी प्राप्त न की हो। एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है।
  • संस्थाओं की पात्रता: व्यक्तिगत आवेदक के अलावा स्वयं सहायता समूह (SHG), उत्पादन सहकारी समितियां, और धर्मार्थ ट्रस्ट (Charitable Trusts) भी इस योजना के तहत आवेदन करने के पात्र हैं।

नकारात्मक सूची: किन व्यवसायों के लिए लोन नहीं मिलेगा? (Negative List)

सरकार ने कुछ व्यवसायों को PMEGP योजना से बाहर रखा है (जिन्हें लोन और सब्सिडी नहीं मिलेगी):

  • मांस (Meat), मटन, पोल्ट्री फॉर्म, सुअर पालन और कसाईखाने से जुड़ा कोई भी व्यवसाय।
  • बीड़ी, पान मसाला, गुटखा, सिगरेट या किसी भी तरह के तंबाकू (Tobacco) या मादक पदार्थों का निर्माण।
  • कच्चे माल के रूप में पश्मीना ऊन का उपयोग करने वाले उद्योग (खादी कार्यक्रम के तहत)।
  • फसलों की खेती (खेती-किसानी के सीधे कार्य)। हालांकि, कृषि आधारित प्रसंस्करण उद्योग (Agro Processing जैसे- फूड प्रोसेसिंग, दाल मिल) इसके पात्र हैं।
  • पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग (जिन्हें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मंजूरी नहीं मिलती)।
  • परिवहन वाहन (Transport Vehicles) खरीदना। (लेकिन अंडमान और कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में हाउस बोट या टूरिस्ट बोट को छूट है)।

विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) कैसे तैयार करें?

PMEGP लोन पास होने में सबसे बड़ी भूमिका DPR (Detailed Project Report) की होती है। बैंक इसी रिपोर्ट को देखकर तय करता है कि आपका व्यवसाय चलेगा या नहीं। एक अच्छी DPR में निम्नलिखित जानकारी होनी चाहिए:

  • प्रोजेक्ट का परिचय: आप क्या बनाना या बेचना चाहते हैं और उसकी मार्केट में कितनी डिमांड है।
  • पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure – CE): मशीनरी, उपकरण, फर्नीचर और भवन निर्माण (यदि अपनी जमीन है) में लगने वाला कुल खर्च।
  • कार्यशील पूंजी (Working Capital – WC): कच्चा माल (Raw Material) खरीदने, कर्मचारियों की सैलरी, बिजली बिल और शुरूआती महीनों के खर्चों का 1 साइकिल का विवरण।
  • उत्पादन क्षमता और बिक्री: आप महीने में कितना माल बनाएंगे और उसे बेचकर कितना राजस्व (Revenue/Turnover) उत्पन्न करेंगे।
  • लाभ का अनुमान (Profitability Projection): अगले 5 वर्षों में लोन की EMI, ब्याज और खर्चे निकालकर आपको कितना शुद्ध लाभ (Net Profit) होगा।
    सुझाव: आप KVIC के पोर्टल पर मौजूद ‘DPR Template’ का उपयोग कर सकते हैं या किसी अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की मदद से इसे तैयार करवा सकते हैं।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Required Documents Checklist)

ऑनलाइन फॉर्म भरते समय आपको कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की पीडीएफ (PDF) या जेपीईजी (JPEG) फाइल पोर्टल पर अपलोड करनी होगी (साइज़ 1MB से कम):

  • आवेदक का आधार कार्ड (Aadhaar Card) और पैन कार्ड (PAN Card)।
  • आवेदक की नवीनतम रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो।
  • DPR (Detailed Project Report)
  • उच्चतम शैक्षिक योग्यता का प्रमाण पत्र (8वीं/10वीं/12वीं की मार्कशीट या ग्रेजुएशन डिग्री)।
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि आप SC/ST/OBC से हैं और 35% स्पेशल केटेगरी सब्सिडी का लाभ लेना चाहते हैं)।
  • ग्रामीण क्षेत्र का प्रमाण पत्र (Population Certificate) – यदि आपका उद्योग गांव में है, तो इसे ग्राम प्रधान, सरपंच या बीडीओ (BDO) से प्रमाणित कराकर लगाएं।
  • भूतपूर्व सैनिक / दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।
  • ईडीपी प्रशिक्षण (EDP Training) का प्रमाण पत्र (यदि आपने पहले से किया हुआ है, अन्यथा लोन पास होने के बाद यह अनिवार्य रूप से करना होगा)।

PMEGP योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)

PMEGP की आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और निःशुल्क है। नीचे दिए गए चरणों का ध्यानपूर्वक पालन करें:

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के आधिकारिक PMEGP पोर्टल kviconline.gov.in/pmegpeportal पर जाएं।
  2. नया आवेदन (New Application): होमपेज पर ‘Application for New Unit’ (नए उद्यम के लिए आवेदन) के विकल्प पर क्लिक करें।
  3. फॉर्म भरें (Fill Application Form): आपके सामने एक विस्तृत फॉर्म खुलेगा। इसमें अपना आधार नंबर, आवेदक का नाम, प्रायोजक एजेंसी (KVIC / KVIB / DIC / Coir Board) चुनें। अपना राज्य, जिला, लिंग, शैक्षणिक योग्यता और पते की सही जानकारी दर्ज करें।
  4. प्रोजेक्ट और बैंक का चयन: फॉर्म में आपको अपनी गतिविधि (Activity) का प्रकार चुनना होगा। अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के अनुसार कैपिटल एक्सपेंडिचर और वर्किंग कैपिटल की राशि दर्ज करें। इसके बाद उस बैंक का नाम और IFSC कोड चुनें जहाँ से आप लोन लेना चाहते हैं। (सुझाव: उसी बैंक को चुनें जिसमें आपका पहले से खाता हो या जहाँ के मैनेजर से आपकी प्रोजेक्ट को लेकर सकारात्मक बात हो चुकी हो)।
  5. डेटा सेव करें: फॉर्म पूरा भरने के बाद ‘Save Applicant Data’ पर क्लिक करें। इसके बाद आपको आपके मोबाइल नंबर और ईमेल पर एक User ID और Password प्राप्त होगा।
  6. डॉक्यूमेंट अपलोड करें: प्राप्त आईडी-पासवर्ड से पोर्टल में दोबारा लॉगिन करें। अब अपने सभी मांगे गए दस्तावेज (आधार, फोटो, जाति प्रमाण पत्र) और DPR अपलोड करें और फॉर्म को ‘Final Submit’ कर दें।
  7. स्कोर कार्ड और DLTFC: सबमिट करने के बाद एक ऑटोमैटिक स्कोर कार्ड जनरेट होता है। आपका आवेदन जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी (DLTFC) के पास जाता है। यदि आपके दस्तावेज सही हैं तो आपकी फाइल सीधे आपके चुने हुए बैंक को भेज दी जाती है।
  8. बैंक द्वारा मूल्यांकन और लोन की मंजूरी (Sanction): बैंक मैनेजर आपके प्रोजेक्ट, आपकी व्यावसायिक समझ और (यदि आवश्यक हो तो) आपके सिबिल (CIBIL) स्कोर का मूल्यांकन करेगा। सब कुछ सही पाए जाने पर बैंक आपके लोन को सैंक्शन (मंजूर) कर देगा।

EDP प्रशिक्षण (Entrepreneurship Development Programme)

लोन मंजूर होने के बाद, बैंक लोन की राशि (Disbursement) तब तक जारी नहीं करता जब तक आप EDP प्रशिक्षण पूरा नहीं कर लेते। यह नए उद्यमियों को व्यवसाय प्रबंधन, अकाउंटिंग, मार्केटिंग और टैक्स के नियम सिखाने के लिए सरकार द्वारा दिया जाने वाला एक अनिवार्य प्रशिक्षण है।
विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह 15 दिनों का और सेवा क्षेत्र के लिए 10 दिनों का होता है। आप यह ट्रेनिंग अपने जिले के RSETI (Rural Self Employment Training Institute) से ऑफलाइन कर सकते हैं, या KVIC के SAMBHAV पोर्टल (entrepreneur.kviconline.gov.in) के माध्यम से घर बैठे अपने मोबाइल पर ऑनलाइन भी पूरी कर सकते हैं। ट्रेनिंग पूरी होने पर आपको एक डिजिटल सर्टिफिकेट मिलेगा, जिसे बैंक में जमा करना होगा।

CGTMSE गारंटी (Collateral Free Loan)

अक्सर युवा बैंक के पास गारंटी (जमीन/मकान के कागजात) न होने के कारण लोन लेने से डरते हैं। RBI और MSME मंत्रालय के कड़े दिशानिर्देशों के अनुसार, PMEGP योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए बैंक आपसे कोई गारंटी या कोलेटरल सिक्योरिटी नहीं मांग सकता
10 लाख से 50 लाख रुपये तक के लोन को CGTMSE (Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises) स्कीम के तहत कवर किया जाता है। इसका मतलब है कि आपके लोन की गारंटी भारत सरकार स्वयं बैंक को देती है। इसके लिए बैंक आपसे एक बहुत ही मामूली सी सालाना गारंटी फीस (CGTMSE Fee) चार्ज करता है, लेकिन आपको अपनी कोई प्रॉपर्टी गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती है।

महत्वपूर्ण डायरेक्ट लिंक्स (Important Direct Links)

सर्विस का नाम (Service Name) डायरेक्ट लिंक (Click Here)
नया ऑनलाइन आवेदन करें (Apply Online for New Unit) यहाँ क्लिक करें
रजिस्टर्ड आवेदक लॉगिन करें (Registered Applicant Login) यहाँ क्लिक करें
अपने आवेदन का स्टेटस चेक करें (Track Application Status) यहाँ क्लिक करें
डॉक्यूमेंट रिसाइजर और डीपीआर पीडीएफ टूल्स (Premium Tools) उपयोगी टूल्स लिंक
ऑनलाइन EDP ट्रेनिंग पोर्टल (SAMBHAV Portal) यहाँ क्लिक करें
PMEGP आधिकारिक पोर्टल (Official KVIC Home Page) यहाँ क्लिक करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. PMEGP योजना के तहत मुझे 35% सब्सिडी का पैसा कब और कैसे मिलेगा?

उत्तर: आपका लोन मंजूर होने और बैंक द्वारा पहली किश्त जारी करने के बाद, सब्सिडी की राशि (मार्जिन मनी) KVIC द्वारा सीधे आपके बैंक में भेज दी जाती है। बैंक इसे आपके लोन खाते (Loan Account) में एक अलग टर्म डिपॉजिट रसीद (TDR) के रूप में 3 साल के लिए लॉक कर देता है (ताकि कोई सब्सिडी का पैसा लेकर भागे नहीं)। 3 साल तक सफलतापूर्वक व्यवसाय चलाने और किश्तें चुकाने के बाद, यह सब्सिडी आपके लोन के मूलधन में हमेशा के लिए समायोजित (Adjust) कर दी जाती है।

Q2. क्या मैं PMEGP के तहत अपनी दुकान/उद्योग का विस्तार करने के लिए दोबारा लोन (Second Loan) ले सकता हूँ?

उत्तर: जी हाँ, बिल्कुल! सरकार ने सफल उद्यमियों के लिए ‘PMEGP 2nd Dose’ की सुविधा शुरू की है। यदि आपने PMEGP या MUDRA के तहत पहले लोन लिया है और उसे ईमानदारी से सफलतापूर्वक चुका दिया है, तो आप अपने व्यवसाय के विस्तार (Expansion/Upgradation) के लिए दूसरी बार लोन ले सकते हैं। दूसरी बार में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 1 करोड़ रुपये और सर्विस सेक्टर के लिए 25 लाख रुपये तक का लोन लिया जा सकता है, जिस पर 15% (NE/Hilly क्षेत्रों के लिए 20%) की सब्सिडी दी जाती है।

Q3. क्या मैं अपने घर से (Home-based) व्यवसाय शुरू करने के लिए PMEGP लोन ले सकता हूँ?

उत्तर: हाँ, आप घर से चलने वाले छोटे उद्योगों (जैसे अचार-पापड़ बनाना, सिलाई सेंटर, हैंडीक्राफ्ट, कुटीर उद्योग) के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, बैंक के नियमों के अनुसार आपके पास व्यवसाय करने के लिए पर्याप्त और उचित जगह होनी चाहिए जिसका फिजिकल वेरिफिकेशन किया जा सके।

Q4. बैंक वाले मुझे PMEGP लोन देने में आनाकानी कर रहे हैं, मुझे क्या करना चाहिए?

उत्तर: यह एक आम समस्या है। बैंक अक्सर रिस्क लेने से बचते हैं। इसके लिए सबसे पहले सुनिश्चित करें कि आपकी DPR बहुत मजबूत हो और आपका CIBIL स्कोर (क्रेडिट हिस्ट्री) अच्छा हो। यदि फिर भी बैंक बिना किसी ठोस कारण के लोन रिजेक्ट करता है, तो आप अपने जिले के DIC (जिला उद्योग केंद्र) के महाप्रबंधक या KVIC के नोडल अधिकारी से संपर्क करके बैंक की शिकायत कर सकते हैं।

Q5. क्या खेती-किसानी (Agriculture) या डेयरी फार्मिंग के लिए PMEGP लोन मिलता है?

उत्तर: प्रत्यक्ष कृषि कार्यों (जैसे फसल उगाना, बीज या ट्रैक्टर खरीदना) के लिए यह लोन नहीं मिलता है। इसी तरह डेयरी फार्मिंग (गाय/भैंस पालना) या बकरी पालन को भी हाल ही की गाइडलाइंस में PMEGP से बाहर कर दिया गया है। लेकिन कृषि से जुड़े प्रोसेसिंग उद्योगों (Agro-based Processing Industries) जैसे- आटा चक्की, दाल मिल, पोल्ट्री फीड निर्माण, दूध से पनीर/घी बनाना या शहद प्रसंस्करण के लिए आप 100% लोन ले सकते हैं।

Q6. PMEGP और MUDRA योजना में क्या मुख्य अंतर है?

उत्तर: मुद्रा योजना (MUDRA Yojana) के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक का लोन मिलता है, लेकिन उसमें सरकार की तरफ से कोई भी मार्जिन मनी सब्सिडी (छूट) नहीं दी जाती है। जबकि PMEGP के तहत 50 लाख रुपये तक का बड़ा लोन मिलता है और इसमें 15% से 35% तक की भारी सरकारी सब्सिडी भी मिलती है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख देश के युवाओं और संभावित उद्यमियों को भारत सरकार की स्वरोजगार सृजन योजना के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। बैंक ब्याज दरें, मार्जिन मनी के नियम और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रियाओं में समय-समय पर MSME मंत्रालय द्वारा बदलाव किए जा सकते हैं। कृपया किसी भी आवेदन से पूर्व सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) और KVIC की आधिकारिक वेबसाइट (kviconline.gov.in) पर जाकर नवीनतम दिशा-निर्देशों (Guidelines) का विस्तृत अध्ययन अवश्य करें।