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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2026

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2026: बेटियों को मिलेगी ₹25,000 की महा-सहायता, जानें पात्रता, नए लाभ और ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया

भारतवर्ष में प्राचीन काल से ही बेटियों को घर की लक्ष्मी का रूप माना जाता रहा है, लेकिन समय के साथ समाज में कुछ ऐसी कुरीतियां आईं जिन्होंने बालिकाओं के जन्म और उनके अस्तित्व को एक चुनौती बना दिया। समाज की इसी पितृसत्तात्मक सोच और बेटियों के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण को जड़ से खत्म करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बेहद ही महत्वाकांक्षी, दूरगामी और कल्याणकारी योजना की शुरुआत की है, जिसका नाम है ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ (Mukhyamantri Kanya Sumangala Yojana – MKSY)। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, बालिकाओं के गिरते स्वास्थ्य और शिक्षा के स्तर में व्यापक सुधार लाना तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए एक सकारात्मक और सुरक्षित माहौल तैयार करना है।

हाल ही में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने राज्य की बेटियों और उनके अभिभावकों को एक बहुत बड़ी सौगात दी है। सरकार ने इस योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि को 15,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 25,000 रुपये कर दिया है। यह योजना विशेष रूप से उन गरीब, मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रही है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों को ना तो उच्च शिक्षा दिला पाते हैं और ना ही उनके स्वास्थ्य व पोषण पर पर्याप्त ध्यान दे पाते हैं। सरकार इस योजना के माध्यम से बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा (ग्रेजुएशन या 2 वर्षीय डिप्लोमा) तक के लंबे सफर में हर कदम पर वित्तीय सहायता (Financial Assistance) प्रदान करती है। इस विस्तृत और गहराई से लिखे गए लेख में हम आपको कन्या सुमंगला योजना (MKSY 2026) से जुड़ी हर एक छोटी-बड़ी जानकारी, इसके नए वित्तीय स्लैब, उद्देश्य, पात्रता की शर्तें, आवश्यक दस्तावेज, और ऑनलाइन आवेदन करने की चरणबद्ध (Step-by-Step) प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताएंगे।

कन्या सुमंगला योजना का मूल स्वरूप क्या है? (What is Kanya Sumangala Yojana?)

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार के महिला कल्याण विभाग (Women Welfare Department, UP) द्वारा संचालित राज्य की एक प्रमुख फ्लैगशिप योजना है। इस योजना को मूल रूप से वर्ष 2019 में बड़े पैमाने पर लॉन्च किया गया था। शुरुआत में, सरकार इस योजना के तहत बेटियों को जन्म से लेकर 12वीं कक्षा तक की शिक्षा पूरी करने के लिए कुल 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता देती थी। लेकिन समय की मांग और बढ़ती महंगाई को देखते हुए, वित्तीय वर्ष 2024-25 से मुख्यमंत्री ने इस राशि में 10,000 रुपये की भारी वृद्धि करते हुए इसे कुल 25,000 रुपये कर दिया है।

इस योजना की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खासियत यह है कि यह पूरी 25 हजार रुपये की धनराशि एक साथ नहीं दी जाती है, बल्कि इसे बालिका के जीवन के 6 अलग-अलग महत्वपूर्ण चरणों (Phases) में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते (DBT – Direct Benefit Transfer) में भेजा जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि पैसे का उपयोग बालिका के उसी विशेष जीवन चरण (जैसे जन्म का उत्सव, प्राथमिक टीकाकरण, स्कूल में प्रवेश आदि) के लिए हो जिसके लिए सरकार द्वारा उसे जारी किया गया है।

योजना को लागू करने के प्रमुख उद्देश्य (Primary Objectives of the Scheme)

सरकार द्वारा इतनी बड़ी धनराशि वाली इस योजना को लागू करने के पीछे कई दूरगामी, सामाजिक और शैक्षिक सुधार वाले उद्देश्य छिपे हैं, जो समाज की सोच को बदलने का माद्दा रखते हैं। इसके मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • कन्या भ्रूण हत्या पर सख्त रोक: समाज में आज भी कुछ पिछड़े इलाकों में लोग अज्ञानतावश बेटियों को आर्थिक बोझ मानते हैं। इस सीधी आर्थिक सहायता के जरिये सरकार जन्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित कर कन्या भ्रूण हत्या (Female Infanticide) जैसी जघन्य कुरीति को जड़ से खत्म करना चाहती है।
  • गिरते लिंगानुपात (Sex Ratio) में सुधार: बालिकाओं के जन्म को सरकार द्वारा प्रोत्साहित करने से राज्य के गिरते लिंगानुपात में भारी सुधार देखने को मिलेगा। भविष्य में समाज में महिलाओं की आबादी पुरुषों के बराबर या उनसे बेहतर होगी, जो एक स्वस्थ समाज की निशानी है।
  • बाल विवाह (Child Marriage) पर पूर्ण अंकुश: योजना का पैसा सीधे तौर पर बालिका की स्कूली शिक्षा और कॉलेज के साथ जोड़ा गया है। इससे अभिभावक बेटियों को नियमित रूप से स्कूल और कॉलेज भेजेंगे। जब बेटियां 18-20 साल तक पढ़ाई में व्यस्त रहेंगी, तो कम उम्र में होने वाले बाल विवाह पर स्वतः ही काफी हद तक रोक लग जाएगी।
  • उच्च शिक्षा और महिलाओं की आत्मनिर्भरता: योजना का अंतिम और छठा चरण उच्च शिक्षा (डिप्लोमा या ग्रेजुएशन) के लिए सबसे बड़ी 7000 रुपये की सहायता देता है। इससे बेटियां बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी डिग्री पूरी कर सकेंगी और भविष्य में आत्मनिर्भर (Self-Reliant) बन सकेंगी।
  • मातृ एवं शिशु मृत्यु दर (MMR & IMR) में कमी: जन्म के तुरंत बाद और 1 वर्ष का टीकाकरण पूरा होने के समय मिलने वाली राशि से नवजात बेटियों और प्रसूता माताओं के स्वास्थ्य व पोषण में भारी सुधार होगा, जिससे शिशु और मातृ मृत्यु दर में तेजी से कमी आएगी।

25,000 रुपये की वित्तीय सहायता का नया विवरण (New 6-Phase Installment Details)

उत्तर प्रदेश सरकार के नए आधिकारिक शासनादेश के अनुसार, अब बेटियों को 25,000 रुपये की मुश्त आर्थिक सहायता 6 विभिन्न श्रेणियों या चरणों में दी जाएगी। इस नए अनुदान स्लैब का विस्तृत और सटीक विश्लेषण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है:

चरण (Phase) अनुदान का विस्तृत विवरण (Details of Installment) राशि (Amount)
श्रेणी 1 बच्ची के जन्म पर: नवजात बालिका के जन्म होने पर। (यह सुनिश्चित करें कि आवेदन बच्ची के जन्म के 6 महीने के भीतर ही किया जाए)। ₹ 5,000
श्रेणी 2 सभी टीकाकरण पूरे होने पर (1 वर्ष की उम्र तक): बालिका के 1 वर्ष की आयु पूरी करने और सभी आवश्यक प्राथमिक टीकाकरण (BCG, OPV, DPT, खसरा आदि) सफलतापूर्वक पूरे होने पर। ₹ 2,000
श्रेणी 3 प्रथम कक्षा (Class 1) में प्रवेश पर: जब बालिका अपनी स्कूली शिक्षा की शुरुआत करती है और पहली कक्षा में विधिवत दाखिला लेती है। ₹ 3,000
श्रेणी 4 छठी कक्षा (Class 6) में प्रवेश पर: प्राथमिक शिक्षा के बाद बालिका के उच्च प्राथमिक विद्यालय (Upper Primary) में प्रवेश लेने के अवसर पर। ₹ 3,000
श्रेणी 5 नौवीं कक्षा (Class 9) में दाखिले पर: माध्यमिक शिक्षा की शुरुआत के समय, जब बालिका कक्षा 9 में अपना रजिस्ट्रेशन करवाती है। ₹ 5,000
श्रेणी 6 डिप्लोमा या ग्रेजुएशन में प्रवेश पर: 10वीं या 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद कम से कम 2 वर्ष या उससे अधिक के किसी भी मान्यता प्राप्त डिप्लोमा कोर्स या डिग्री (Graduation) कोर्स में दाखिला लेने पर। ₹ 7,000
कुल आर्थिक सहायता (Total Direct Beneficiary Amount) ₹ 25,000

इन 6 चरणों का गहरा प्रभाव (Impact Analysis of Phases)

प्रथम और द्वितीय चरण (स्वास्थ्य और पोषण): शुरुआती ₹7000 (₹5000 + ₹2000) सीधे तौर पर परिवार को बेटी के जन्म का जश्न मनाने, अस्पताल के खर्चे उठाने और माता-शिशु के पोषण के लिए दिए जाते हैं। भारत में शिशु मृत्यु दर का एक बड़ा कारण बच्चों का सही समय पर टीकाकरण न होना है। द्वितीय चरण का पैसा माता-पिता को प्रोत्साहित करता है कि वे बच्ची को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए 1 साल के भीतर सारे आवश्यक टीके लगवाएं।
तीसरा, चौथा और पांचवा चरण (ड्रॉपआउट पर प्रहार): ये तीनों चरण बालिका शिक्षा को समर्पित हैं। सरकारी शिक्षा विभाग के आंकड़े बताते हैं कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर (कक्षा 5 से 8 के बीच) पर लड़कियों के स्कूल छोड़ने (Dropout Rate) की दर सबसे अधिक होती है। कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश के समय एकमुश्त पैसे मिलने से माता-पिता को उनकी किताबें, स्टेशनरी, ड्रेस, साइकिल और अन्य स्कूल खर्चों की चिंता नहीं करनी पड़ती।
छठा चरण (भविष्य का निर्माण): जब बेटी 12वीं पास कर लेती है, तो उच्च शिक्षा का खर्च सबसे ज्यादा होता है और यहीं से उसकी आत्मनिर्भरता का सफर शुरू होता है। ₹7000 की यह सबसे बड़ी राशि उसे तकनीकी या स्नातक शिक्षा (जैसे B.A., B.Sc, B.Tech, Nursing, B.Ed आदि) में एडमिशन लेने में बहुत बड़ी मदद साबित होती है।

योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक पात्रता शर्तें (Strict Eligibility Criteria)

यह योजना विशेष रूप से जरूरतमंदों के लिए बनाई गई है। अतः कन्या सुमंगला योजना का लाभ राज्य के सभी लोगों को नहीं मिलता है, इसके लिए महिला कल्याण विभाग ने कुछ सख्त नियम और शर्तें तय की हैं:

  • उत्तर प्रदेश का मूल निवासी (UP Domicile): लाभार्थी परिवार स्थायी रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए। उनके पास राज्य का वैध निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) जैसे— राशन कार्ड, वोटर आईडी, आधार कार्ड या बिजली का बिल होना अनिवार्य है।
  • पारिवारिक आय सीमा (Income Limit 3 Lakh): इस योजना का मुख्य फोकस गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर है। अतः लाभार्थी परिवार की कुल वार्षिक आय (माता-पिता दोनों की सभी स्रोतों से होने वाली आय को मिलाकर) अधिकतम 3,00,000 रुपये (तीन लाख रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • बच्चों की अधिकतम संख्या (Child Limit): जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए, एक परिवार में अधिकतम केवल 2 बच्चियों (बेटियों) को ही इस योजना का पूर्ण लाभ मिल सकता है।
  • जुड़वा बच्चों के मामले में विशेष नियम (Exception for Twins): यदि किसी महिला को पहले प्रसव (Delivery) से एक बालिका है और दूसरे प्रसव (Second Delivery) से जुड़वा (Twins) बच्चियां पैदा हो जाती हैं, तो इस विशेष परिस्थिति में परिवार की तीनों बच्चियों को कन्या सुमंगला योजना का लाभ दिया जाएगा। (इस स्थिति में 2 बच्चों वाली शर्त में छूट मिलेगी)।
  • गोद ली गई बच्ची (Adopted Girl Child): यदि किसी निःसंतान परिवार ने या किसी भी पात्र परिवार ने किसी अनाथ बच्ची को कानूनी रूप (Legally Adopted) से गोद लिया है, तो वह बच्ची भी इस योजना के तहत पूरी तरह पात्र मानी जाएगी। (बशर्ते परिवार में बालिकाओं की कुल संख्या 2 से अधिक न हो)।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों की विस्तृत सूची (Important Required Documents)

पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरते समय या ऑफलाइन फॉर्म जमा करते समय आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की साफ स्कैन की हुई कॉपी (Soft Copy PDF/JPG) या स्व-प्रमाणित (Self-Attested) हार्ड कॉपी संलग्न करनी होगी:

  • अभिभावक का पहचान पत्र: माता-पिता या कानूनी अभिभावक का वैध पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी या पैन कार्ड)।
  • स्थायी निवास प्रमाण पत्र: उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, या तहसील द्वारा जारी मूल निवास प्रमाण पत्र)।
  • आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): तहसील द्वारा जारी किया गया वैध पारिवारिक आय प्रमाण पत्र जो यह साबित करे कि वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम है।
  • बैंक खाता विवरण (Bank Passbook): बालिका (यदि बड़ी है) या माता-पिता का एक सक्रिय बैंक खाता। बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की फोटोकॉपी जिस पर खाता धारक का नाम, बैंक का नाम, स्पष्ट खाता संख्या (Account Number) और IFSC कोड लिखा हो।
  • बालिका का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate): नगर निगम, ग्राम पंचायत या सरकारी अस्पताल द्वारा जारी किया गया कंप्यूटरीकृत जन्म प्रमाण पत्र।
  • टीकाकरण कार्ड (Vaccination/MCP Card): श्रेणी 2 (2000 रुपये) का लाभ लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग (ANM/Asha Worker) द्वारा जारी किया गया एमसीपी कार्ड जिसपर सभी टीकों की मुहर लगी हो।
  • स्कूल प्रवेश/शिक्षण प्रमाण पत्र: श्रेणी 3, 4, 5 और 6 का लाभ लेने के लिए संबंधित स्कूल, कॉलेज या संस्था के प्रधानाचार्य (Principal/Headmaster) द्वारा जारी किया गया प्रवेश प्रमाण पत्र, बोनाफाइड सर्टिफिकेट या नवीनतम फीस रसीद (Fee Receipt)।
  • फोटोग्राफ: बालिका की हाल ही की पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो। (यदि बच्ची नवजात है तो माता-पिता के साथ गोद में ली हुई संयुक्त फोटो)।
  • शपथ पत्र (Affidavit): यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। योजना के सभी नियमों का पालन करने और दी गई जानकारी सत्य होने का एक निर्धारित प्रारूप (Format) में शपथ पत्र बनवाना होगा, जो 10 रुपये के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर (Stamp Paper) पर नोटरी द्वारा प्रमाणित होना चाहिए।

महत्वपूर्ण डायरेक्ट लिंक्स (Important Links & Portal Access)

हमने आपकी सुविधा के लिए विभागीय वेबसाइट और आवेदन पोर्टल के सीधे (Direct) लिंक नीचे एक सुरक्षित बॉक्स में दिए हैं। फॉर्म भरने के लिए आपको किसी अन्य वेबसाइट पर भटकने की आवश्यकता नहीं है:

विभागीय सेवाएं (Departmental Links) क्लिक करें (Click Here)
नया ऑनलाइन आवेदन करें / पोर्टल लॉगिन (Apply Online / Login) यहाँ क्लिक करें
महिला कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) यहाँ क्लिक करें

कन्या सुमंगला योजना 2026: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Registration Process)

उत्तर प्रदेश सरकार के महिला कल्याण विभाग ने आम जनता की सुविधा के लिए इस योजना की आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल, पारदर्शी और ऑनलाइन (Online) बना दिया है। अब आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे अपने मोबाइल, लैपटॉप या किसी नजदीकी कैफे से आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म में गलती से बचने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को बहुत ही सावधानीपूर्वक फॉलो करें:

स्टेप 1: सिटीजन सर्विस पोर्टल पर जाएं (Citizen Portal)

सबसे पहले, ऊपर दिए गए बॉक्स में “ऑनलाइन आवेदन करें” वाले लिंक (यहाँ क्लिक करें) पर दबाएं। यह आपको सीधे कन्या सुमंगला योजना के सिटिजन लॉगिन (Citizen Login) पेज पर ले जाएगा।

स्टेप 2: नियम व शर्तों की स्वीकृति (Accept Terms)

लॉगिन पेज खुलने पर, यदि आप पहली बार इस पोर्टल पर आए हैं और नए उपयोगकर्ता हैं, तो पेज के एकदम नीचे दिए गए “I Agree” (मैं सहमत हूँ) के चेकबॉक्स पर टिक करें और उसके बाद “Continue” (जारी रखें) बटन पर क्लिक करें।

स्टेप 3: नया पंजीकरण फॉर्म भरें (New Registration Form)

अब आपकी स्क्रीन पर एक प्रारंभिक रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलेगा। इसमें आवेदक (माता या पिता) का पूरा नाम, चालू मोबाइल नंबर, आवेदक के माता-पिता का नाम, निवास का जिला (District) और एक नया सुरक्षित पासवर्ड (Password) सेट करना होगा। सभी विवरण ध्यान से भरने के बाद “Send SMS OTP” पर क्लिक करें।

स्टेप 4: OTP सत्यापन और लॉगिन आईडी प्राप्ति (OTP Verification)

आपके द्वारा दर्ज किए गए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर तुरंत एक 6 अंकों का OTP आएगा। उसे दर्ज करके वेरिफाई (Verify) करें। ओटीपी सत्यापित होते ही आपका पोर्टल पंजीकरण सफल हो जाएगा और आपकी स्क्रीन पर एक लॉगिन आईडी (Login ID) जेनरेट हो जाएगी। भविष्य के लिए इस आईडी को अपनी डायरी में नोट कर लें।

स्टेप 5: पोर्टल के अंदर लॉगिन करें (Login into Dashboard)

अब वापस मुख्य लॉगिन पेज पर आएं। अपनी नई प्राप्त की गई Login ID और जो पासवर्ड आपने अभी बनाया था, उसे निर्धारित बॉक्स में दर्ज करें। स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड (Captcha) भरकर “Sign In” पर क्लिक कर दें।

स्टेप 6: लाभार्थी बच्ची का विवरण जोड़ें (Add Beneficiary Child)

सफलतापूर्वक लॉगिन करने के बाद आपका डैशबोर्ड खुल जाएगा। यहाँ आपको “Add Beneficiary” (लाभार्थी जोड़ें) के विकल्प पर क्लिक करना होगा। यहाँ आपको बालिका का पूरा नाम, जन्म तिथि (DOB), जन्म का स्थान आदि भरना होगा। इसके बाद आपको यह चुनना होगा कि आप बच्ची की उम्र और शिक्षा के अनुसार किस ‘श्रेणी/चरण (Phase 1 to 6)’ के लिए आवेदन कर रहे हैं।

स्टेप 7: बैंक और पते का विवरण (Bank & Address Details)

फॉर्म के अगले हिस्से में आपको अपना पूरा स्थायी पता (Address), पिन कोड और बैंक खाते का पूरा विवरण (Bank Account Number, Bank Name, Branch, IFSC Code) बिल्कुल सही-सही भरना होगा। ध्यान रहे, पैसा इसी खाते में आएगा, इसलिए पासबुक से मिलान कर लें।

स्टेप 8: दस्तावेज अपलोड करें (Upload Scanned Documents)

अब आपको ऊपर बताई गई सूची के अनुसार सभी जरूरी दस्तावेजों की साफ स्कैन कॉपी (पीडीएफ या जेपीजी फॉर्मेट में) अपलोड करनी होगी। इसमें 10 रुपये के स्टाम्प वाला शपथ पत्र (Affidavit) और बच्ची की फोटो अपलोड करना अनिवार्य है। साइज पोर्टल के निर्देशानुसार (обычно 100kb से 500kb के बीच) रखें।

स्टेप 9: प्रिव्यू और फाइनल सबमिट (Preview and Final Submission)

फॉर्म को अंतिम रूप से जमा करने से पहले ‘Preview’ (पूर्वावलोकन) बटन पर क्लिक करें। एक बार पूरी जानकारी को ऊपर से नीचे तक पढ़ लें कि कोई स्पेलिंग या खाता नंबर गलत तो नहीं है। आश्वस्त होने के बाद ‘Final Submit’ बटन पर क्लिक कर दें। फॉर्म जमा होते ही आपको एक Application Reference Number (आवेदन संदर्भ संख्या) मिल जाएगी। इसका प्रिंट आउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रख लें। इसी नंबर से आप बाद में अपने फॉर्म का स्टेटस (Application Status) ट्रैक कर सकेंगे।

ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया (Offline Process for Rural Areas)

जो ग्रामीण या दूरदराज के इलाके के लोग तकनीकी कारणों या इंटरनेट के अभाव में ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर सकते, उनके लिए सरकार ने ऑफलाइन सुविधा भी रखी है। आप अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC Center) पर जाकर मामूली शुल्क देकर फॉर्म भरवा सकते हैं।
इसके अलावा, आप अपने ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी (BDO), तहसील के उप जिलाधिकारी (SDM), या जिले के जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) के कार्यालय में जाकर भी योजना का मुफ़्त फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म को पेन से सही-सही भरकर और सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी (स्व-प्रमाणित करके) संलग्न करके उसी कार्यालय में जमा करा दें। संबंधित अधिकारी इसे खुद विभागीय लॉगिन से ऑनलाइन पोर्टल पर फीड कर देंगे।

आवेदन करते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें (Important Tips for Approval)

  • आधार और बैंक सीडिंग: जिस बैंक खाते की डिटेल आप दे रहे हैं, वह माता-पिता या बच्ची के आधार कार्ड से लिंक (Aadhaar Seeded/NPCI mapped) होना चाहिए, क्योंकि पैसा DBT के माध्यम से भेजा जाता है।
  • शपथ पत्र में गलती न करें: 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर जो शपथ पत्र आप बनवाएंगे, उसका फॉर्मेट (प्रारूप) बिल्कुल वैसा ही होना चाहिए जैसा विभागीय वेबसाइट पर दिया गया है। फॉर्मेट में बदलाव होने पर फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है।
  • समय सीमा का ध्यान रखें: पहली किश्त (जन्म के समय ₹5000) का लाभ लेने के लिए बच्ची के जन्म के 6 महीने के भीतर ही आवेदन करना अनिवार्य है। इस समय सीमा के बीत जाने पर आप पहली किश्त का लाभ नहीं ले पाएंगे।

कन्या सुमंगला योजना 2026 से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. वर्तमान में कन्या सुमंगला योजना के तहत कुल कितनी धनराशि दी जा रही है?

उत्तर: वित्तीय वर्ष 2024-25 से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की कुल राशि को बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है (पहले यह 15,000 रुपये थी)। यह कुल राशि बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा तक 6 अलग-अलग किश्तों (Phases) में दी जाती है।

Q2. क्या मैं एक ही बार में 25,000 रुपये प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकता हूँ?

उत्तर: जी नहीं, बिल्कुल नहीं। आप केवल उसी श्रेणी (किश्त) के लिए आवेदन कर सकते हैं जिसके लिए आपकी बच्ची उस समय पात्र (Eligible) हो। उदाहरण के लिए, यदि आपकी बच्ची अभी कक्षा 6 में प्रवेश ले रही है, तो आप केवल चौथी श्रेणी (₹ 3,000) के लिए ही आवेदन कर सकते हैं। समय के साथ बच्ची के 9वीं या कॉलेज में जाने पर आप पोर्टल पर लॉगिन करके अगली श्रेणियों के लिए अप्लाई करेंगे।

Q3. योजना के अंतर्गत शपथ पत्र (Affidavit) बनवाना और अपलोड करना क्यों जरूरी है?

उत्तर: शपथ पत्र यह कानूनी रूप से प्रमाणित करने के लिए होता है कि आपके द्वारा पोर्टल पर दी गई सभी जानकारी (जैसे परिवार की वार्षिक आय 3 लाख से कम होना, परिवार में अधिकतम 2 बालिकाओं की शर्त आदि) पूरी तरह सत्य है। यह 10 रुपये के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर तहसील से बनता है और इसे नोटरी वकील द्वारा प्रमाणित करवाना होता है।

Q4. क्या दूसरे राज्य (जैसे बिहार, दिल्ली या मध्य प्रदेश) के निवासी जो यूपी में रह रहे हैं, इस योजना का लाभ ले सकते हैं?

उत्तर: नहीं। यह विशेष रूप से केवल उत्तर प्रदेश सरकार की राज्य स्तरीय योजना है। इसलिए, आवेदक परिवार के पास उत्तर प्रदेश का स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Domicile) होना बिल्कुल अनिवार्य है। अन्य राज्यों के मूल निवासी इसका लाभ नहीं ले सकते।

Q5. अगर मैंने अपनी बेटी का जन्म पंजीकरण (Birth Registration) 6 महीने बाद कराया है, तो क्या मुझे पहली किश्त मिलेगी?

उत्तर: विभागीय नियमावली के अनुसार, पहली श्रेणी (जन्म पर मिलने वाले ₹ 5,000) का लाभ लेने के लिए बच्ची के जन्म के ठीक 6 महीने के भीतर आवेदन करना आवश्यक है। यदि आप इससे ज्यादा देरी करते हैं, तो आपका फॉर्म इस श्रेणी के लिए निरस्त हो सकता है। हालांकि, आप भविष्य में बच्ची के बड़े होने पर अन्य श्रेणियों (जैसे 1 वर्ष का टीकाकरण या स्कूल प्रवेश) के लिए पात्र होने पर आवेदन कर सकते हैं।

Q6. अगर मेरे परिवार में पहले से एक बेटा और एक बेटी है, तो क्या मैं दूसरी बेटी होने पर आवेदन कर सकता हूँ?

उत्तर: नियम के अनुसार एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को लाभ मिलेगा। यदि आपके परिवार में कुल 2 बच्चे (एक बेटा और एक बेटी) हैं, और तीसरा बच्चा भी बेटी होती है, तो आप उस दूसरी बेटी के लिए आवेदन कर सकते हैं। शर्त केवल इतनी है कि योजना का लाभ अधिकतम 2 बालिकाओं तक ही सीमित रहेगा।

Q7. मेरे आवेदन का पैसा कितने दिनों में बैंक खाते में आ जाता है?

उत्तर: ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद, आपका फॉर्म ब्लॉक स्तर, तहसील स्तर (SDM) और अंत में जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) द्वारा सत्यापित (Verify) किया जाता है। सभी दस्तावेजों के सही पाए जाने और फंड की उपलब्धता के आधार पर, आमतौर पर 1 से 3 महीने के भीतर DBT के माध्यम से पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह विस्तृत और ज्ञानवर्धक लेख केवल सूचना के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य की बालिकाओं और उनके अभिभावकों को ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ (MKSY 2026) के प्रति जागरूक करने के लिए लिखा गया है। इस लेख में दी गई धनराशि, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी सरकारी घोषणाओं पर आधारित है। योजना के नियमों में सरकार द्वारा कभी भी बदलाव किया जा सकता है। हम पाठकों को सलाह देते हैं कि किसी भी प्रकार का ऑनलाइन आवेदन करने या अंतिम निर्णय लेने से पहले कृपया उत्तर प्रदेश महिला कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) पर जाकर दिशा-निर्देशों की एक बार स्वयं पुष्टि अवश्य कर लें। यह वेबसाइट किसी भी सरकारी संस्था का प्रतिनिधित्व नहीं करती है।