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ग्राहक शिकायत ऑनलाइन कैसे दर्ज करें, टोल फ्री नंबर 1915

National Consumer Helpline 2026: Grahak Shikayat Online Kaise Darj Karein, Toll Free Number 1915

आज के डिजिटल युग (Digital Era) में ऑनलाइन शॉपिंग, ई-कॉमर्स साइट्स और डिजिटल पेमेंट्स का चलन बहुत तेजी से बढ़ गया है। लोग अब सुई से लेकर हवाई जहाज के टिकट तक सब कुछ ऑनलाइन खरीद रहे हैं। लेकिन इस सुविधा के साथ-साथ उपभोक्ताओं (Consumers) के साथ होने वाली धोखाधड़ी (Fraud), खराब गुणवत्ता वाले उत्पाद (Defective Products), एमआरपी (MRP) से अधिक कीमत वसूलने और खराब ग्राहक सेवा (Poor Customer Service) के मामलों में भी भारी वृद्धि हुई है। कई बार ऐसा होता है कि हम कोई महँगा सामान खरीदते हैं, लेकिन वह खराब निकलता है और कंपनी उसे बदलने या पैसे वापस (Refund) करने से साफ मना कर देती है। ऐसी स्थिति में आम आदमी खुद को ठगा हुआ और असहाय महसूस करता है।

यदि आपके साथ भी किसी कंपनी, दुकानदार, बैंक, एयरलाइंस या ई-कॉमर्स वेबसाइट (जैसे Amazon, Flipkart, Meesho आदि) ने कोई धोखाधड़ी की है या आपको खराब सेवा दी है, तो अब आपको परेशान होने या चुपचाप नुकसान सहने की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs) ने ‘जागो ग्राहक जागो’ (Jago Grahak Jago) अभियान के तहत राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (National Consumer Helpline – NCH) पोर्टल (consumerhelpline.gov.in) की शुरुआत की है। इस पोर्टल के माध्यम से देश का कोई भी नागरिक घर बैठे अपने मोबाइल फोन से किसी भी कंपनी या ब्रांड के खिलाफ अपनी ग्राहक शिकायत (Grahak Shikayat) निःशुल्क दर्ज करा सकता है। आइए इस विस्तृत लेख में हम आपको उपभोक्ता अधिकारों (Consumer Rights), शिकायत दर्ज करने की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया, टोल-फ्री नंबर (1915) और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में विस्तार से बताते हैं ताकि आप अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ सकें।

National Consumer Helpline (NCH): मुख्य विवरण (Overview)

नीचे दी गई तालिका में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पोर्टल और ग्राहक शिकायत निवारण प्रणाली से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों का एक संक्षिप्त विवरण दिया गया है:

विवरण (Description) महत्वपूर्ण जानकारी (Details)
विभाग का नाम उपभोक्ता मामले विभाग (भारत सरकार)
पोर्टल का नाम National Consumer Helpline (NCH) / INGRAM
टोल-फ्री नंबर (Toll-Free Number) 1915 या 1800-11-4000
शिकायत का माध्यम ऑनलाइन पोर्टल, कॉल (Call), SMS, या NCH App
शिकायत शुल्क (Complaint Fee) पूर्णतः निःशुल्क (100% Free)

किन मामलों में आप उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं?

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (Consumer Protection Act), 2019 के तहत एक ग्राहक के रूप में आपके पास कई अधिकार हैं। आप निम्नलिखित प्रमुख मामलों में किसी भी कंपनी (चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो) के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं:

  • दोषपूर्ण उत्पाद (Defective Product): यदि आपने कोई मोबाइल, टीवी, फ्रिज या अन्य सामान खरीदा है और वह खराब निकल गया है, और कंपनी उसे वारंटी के बावजूद रिपेयर या रिप्लेस नहीं कर रही है।
  • पैसों की वापसी न होना (Refund Issues): ऑनलाइन शॉपिंग में सामान वापस (Return) करने के बाद भी रिफंड न मिलना, या फ्लाइट/ट्रेन टिकट कैंसिल करने पर पैसे वापस न आना।
  • एमआरपी (MRP) से अधिक दाम वसूलना: यदि कोई दुकानदार या रेस्टोरेंट आपसे किसी पैकेट बंद सामान (जैसे पानी की बोतल या कोल्ड ड्रिंक) पर छपी MRP से ज्यादा पैसे मांगता है।
  • भ्रामक विज्ञापन (Misleading Advertisement): टीवी या इंटरनेट पर झूठे दावे करके सामान बेचना, जो असल में वैसा काम न करे जैसा विज्ञापन में दिखाया गया था।
  • खराब सेवाएं (Deficiency in Services): टेलीकॉम कंपनियों (Jio, Airtel आदि) का नेटवर्क इशू, बैंक द्वारा बिना बताए पैसे काटना, बीमा (Insurance) कंपनियों द्वारा सही क्लेम न देना, या कूरियर/पार्सल का समय पर न पहुंचना।
  • मिलावटी सामान (Adulteration): खाने-पीने की चीजों में मिलावट या एक्सपायरी डेट (Expiry Date) पार कर चुका सामान बेचना।

ग्राहक शिकायत ऑनलाइन दर्ज करने की प्रक्रिया (Step-by-Step Guide)

यदि आप किसी कंपनी के चक्कर काट कर थक चुके हैं, तो भारत सरकार के INGRAM (Integrated Grievance Redressal Mechanism) पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें। यह बहुत ही प्रभावशाली है। शिकायत दर्ज करने के चरण इस प्रकार हैं:

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में consumerhelpline.gov.in/public/ खोलें (सीधा लिंक नीचे टेबल में दिया गया है)।
  2. नया खाता बनाएं (Sign Up): यदि आप पहली बार पोर्टल पर आए हैं, तो ‘Sign Up’ विकल्प पर क्लिक करें। अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी दर्ज करें और एक सुरक्षित पासवर्ड बनाएं। आपके मोबाइल पर एक OTP आएगा, उसे डालकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें।
  3. लॉगिन करें (Sign In): अब अपनी ईमेल आईडी (User ID) और पासवर्ड का उपयोग करके पोर्टल में ‘Sign In’ (लॉगिन) करें।
  4. शिकायत दर्ज करें (Register Grievance): डैशबोर्ड में ‘Grievance’ (शिकायत) के विकल्प पर क्लिक करें। आपके सामने एक फॉर्म खुलेगा।
  5. कंपनी का विवरण चुनें: आपको किस सेक्टर (Sector) की शिकायत करनी है (जैसे E-commerce, Telecom, Banking, Airlines), उसे ड्रॉपडाउन से चुनें। इसके बाद उस कंपनी/ब्रांड (Company/Brand) का नाम चुनें जिसके खिलाफ आप शिकायत कर रहे हैं।
  6. समस्या का विवरण लिखें: अब एक बॉक्स आएगा जिसमें आपको अपनी पूरी समस्या का विवरण (विस्तार से) लिखना है। बताएं कि आपने सामान कब खरीदा, क्या खराबी है, और कंपनी क्या जवाब दे रही है। (आप यह हिंदी या अंग्रेजी किसी भी भाषा में लिख सकते हैं)।
  7. सबूत (Evidence) अपलोड करें: यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है। अपने बिल की रसीद (Invoice/Bill), पेमेंट का स्क्रीनशॉट, खराब सामान की फोटो/वीडियो, और कंपनी के कस्टमर केयर के साथ हुई चैट या ईमेल की पीडीएफ कॉपी (PDF/JPG) अपलोड करें।
  8. सबमिट करें (Submit): सभी जानकारी जाँचने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें।
  9. डॉकेट नंबर (Docket Number): शिकायत सबमिट होते ही आपको एक ‘Docket Number’ (शिकायत संख्या) मिल जाएगा, जो आपके मोबाइल पर SMS के जरिए भी आ जाएगा। इस नंबर की मदद से आप अपनी शिकायत का लाइव स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।

शिकायत दर्ज करने के अन्य आसान तरीके (Alternative Ways)

यदि आप ऑनलाइन फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं, तो सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अन्य कई आसान विकल्प भी दिए हैं:

  • टोल-फ्री नंबर (Call 1915): आप किसी भी कार्य दिवस (National Holidays को छोड़कर) में सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे के बीच राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1915 या 1800-11-4000 पर कॉल कर सकते हैं। वहां बैठे अधिकारी आपकी पूरी समस्या सुनकर आपकी ओर से सिस्टम में शिकायत दर्ज कर देंगे और आपको SMS पर डॉकेट नंबर भेज देंगे।
  • SMS के माध्यम से: आप अपने मोबाइल से 8800001915 पर SMS भी भेज सकते हैं। कुछ ही समय में NCH की टीम आपको वापस कॉल (Call Back) करेगी और आपकी शिकायत दर्ज करेगी।
  • UMANG App या NCH App: आप भारत सरकार के UMANG ऐप या गूगल प्ले स्टोर से ‘National Consumer Helpline (NCH)’ ऐप डाउनलोड करके भी सीधे अपने स्मार्टफोन से फोटो खींचकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
  • व्हाट्सएप (WhatsApp): आप NCH के आधिकारिक WhatsApp नंबर 8800001915 पर ‘Hi’ लिखकर भी अपनी शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

कंज्यूमर फोरम (Consumer Court) और ई-दाखिल (E-Daakhil) क्या है?

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि NCH और कंज्यूमर कोर्ट में क्या अंतर है? National Consumer Helpline (NCH) एक मध्यस्थ (Mediator) के रूप में कार्य करता है। जब आप यहाँ शिकायत करते हैं, तो NCH के अधिकारी उस कंपनी के नोडल ऑफिसर से संपर्क करते हैं और मामले को सुलझाने (Resolution) का दबाव बनाते हैं। अधिकांश बड़ी कंपनियां NCH की शिकायत पर तुरंत एक्शन लेती हैं और मामला वहीं सुलझ जाता है।

लेकिन यदि 45 से 60 दिनों के भीतर कंपनी NCH की बात भी नहीं सुनती है या आपको रिफंड देने से मना कर देती है, तो आप कानूनी रास्ता अपना सकते हैं। इसके लिए सरकार ने ई-दाखिल (e-Daakhil – edaakhil.nic.in) पोर्टल बनाया है। यहाँ आप वकील के बिना भी उपभोक्ता न्यायालय (Consumer Commission / Consumer Court) में कंपनी के खिलाफ सीधे मुकदमा (Case) दायर कर सकते हैं। कोर्ट कंपनी पर भारी जुर्माना लगा सकता है और आपको मुआवजे (Compensation) के साथ आपके पैसे वापस दिलवा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: NCH पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के बाद समाधान में कितने दिन का समय लगता है?

उत्तर: NCH पर शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित कंपनी को जवाब देने के लिए समय दिया जाता है। आमतौर पर 15 से 45 दिनों के भीतर आपकी समस्या का समाधान (Resolution) हो जाता है। कंपनी खुद आपको कॉल करके मामले को सुलझाने का प्रयास करती है।

 

प्रश्न 2: क्या मैं Amazon, Flipkart, Myntra जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ शिकायत कर सकता हूँ?

उत्तर: जी बिल्कुल! उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) पर सबसे ज्यादा शिकायतें ई-कॉमर्स सेक्टर (E-Commerce Sector) की ही दर्ज होती हैं। यदि आपको गलत सामान भेजा गया है, रिफंड नहीं मिल रहा है, या डिलीवरी बॉय ने धोखा किया है, तो आप पोर्टल पर सीधे ई-कॉमर्स कंपनी का नाम चुनकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

 

प्रश्न 3: शिकायत दर्ज करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज (Document) क्या है?

उत्तर: शिकायत को मजबूत बनाने के लिए आपके पास उस उत्पाद या सेवा का पक्का बिल (Invoice/Receipt) होना सबसे ज्यादा जरूरी है। बिना बिल के यह साबित करना मुश्किल होता है कि आपने वह सामान उसी कंपनी या दुकानदार से खरीदा है। इसके अलावा पेमेंट प्रूफ (UPI Transaction History) भी बहुत काम आता है।

 

प्रश्न 4: मैंने लोकल बाजार की एक छोटी सी दुकान से सामान लिया था, उसने मुझे पक्का बिल नहीं दिया। क्या मैं शिकायत कर सकता हूँ?

उत्तर: यदि आपके पास पक्का बिल नहीं है (कच्चा बिल या केवल पर्ची है), तो आप शिकायत तो दर्ज कर सकते हैं, लेकिन कंपनी या दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्यवाही (Legal Action) करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इसलिए ‘जागो ग्राहक जागो’ अभियान के तहत हमेशा सलाह दी जाती है कि “सामान खरीदते समय पक्का बिल (GST Bill) जरूर लें”

महत्वपूर्ण डायरेक्ट लिंक्स (Important Direct Links)

ग्राहक शिकायत (Consumer Complaint) ऑनलाइन दर्ज करने, अपनी शिकायत का स्टेटस ट्रैक करने और ई-दाखिल पोर्टल पर जाने के लिए भारत सरकार के आधिकारिक सुरक्षित डायरेक्ट लिंक नीचे दी गई तालिका में उपलब्ध करा दिए गए हैं। ये लिंक्स डार्क मोड (Dark Mode) में भी पूरी तरह स्पष्ट दिखाई देंगे:

महत्वपूर्ण सेवाएँ (Service Name) डायरेक्ट लिंक (Click Here)
ऑनलाइन ग्राहक शिकायत दर्ज करें (Sign In / Register) Click Here
शिकायत का स्टेटस चेक करें (Track Grievance Status) Click Here
उपभोक्ता न्यायालय (Consumer Court) ई-दाखिल पोर्टल Click Here
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