दूसरी जाति में शादी करने पर मिलेंगे ₹2.5 लाख, सरल हरियाणा पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन

आधुनिक समाज के निर्माण और देश की प्रगति के लिए सामाजिक एकता, समरसता और समानता का होना अत्यंत आवश्यक है। प्राचीन समय से चली आ रही जाति व्यवस्था, छुआछूत और भेदभाव जैसी रूढ़िवादी परंपराएं आज भी हमारे समाज के पूर्ण विकास में एक बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इन सामाजिक विसंगतियों को जड़ से समाप्त करने, जातिवाद की दीवारों को तोड़ने और अंतर्जातीय विवाहों के माध्यम से समाज में भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए, हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग (Social Justice and Empowerment Department) द्वारा एक क्रांतिकारी पहल का संचालन किया जा रहा है, जिसका नाम है— ‘मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना’ (Inter-Caste Marriage Scheme 2026)।
इस बेहद सराहनीय योजना के तहत, यदि कोई गैर-अनुसूचित जाति (सवर्ण/सामान्य या ओबीसी वर्ग) का लड़का या लड़की, किसी अनुसूचित जाति (SC – Scheduled Caste) के लड़के या लड़की से विवाह (शादी) करता है, तो राज्य सरकार द्वारा नवदंपत्ति को उनके नए वैवाहिक जीवन की सुखद शुरुआत के लिए ₹2,50,000 (ढाई लाख रुपये) की भारी प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। यह योजना युवाओं को अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और जातिवाद से ऊपर उठने के लिए प्रेरित करती है। सरकार द्वारा दी जाने वाली यह राशि सीधे विवाहित जोड़े के संयुक्त बैंक खाते (Joint Account) में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। इस विस्तृत लेख में हम आपको इस योजना के तहत मिलने वाले आर्थिक लाभों के वर्गीकरण, अनिवार्य पात्रता शर्तों, आवश्यक दस्तावेजों, और हरियाणा सरकार के आधिकारिक ‘सरल पोर्टल’ (Saral Haryana) पर घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करने की पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह योजना: लाभों का वर्गीकरण
इस योजना के तहत मिलने वाली ₹2.5 लाख की कुल प्रोत्साहन राशि का भुगतान नवविवाहित जोड़े को एकमुश्त न करके सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से निम्नलिखित दो चरणों में किया जाता है, ताकि राशि का सदुपयोग हो सके:
| भुगतान का चरण (Phase) | विवरण और राशि (Amount Breakdown) |
|---|---|
| प्रथम चरण (तत्काल सहायता) | ₹1,25,000/- (एक लाख पच्चीस हजार रुपये) आवेदन स्वीकृत (Approve) होने के तुरंत बाद नवदंपत्ति के संयुक्त बैंक खाते में घर-गृहस्थी और शुरुआती खर्चों के लिए नकद भेज दिए जाते हैं। |
| द्वितीय चरण (सावधि जमा – FD) | ₹1,25,000/- (एक लाख पच्चीस हजार रुपये) बाकी की आधी राशि को पति-पत्नी के नाम से **3 वर्ष के लिए फिक्स डिपॉजिट (FD)** के रूप में बैंक में लॉक कर दिया जाता है। 3 वर्ष का वैवाहिक जीवन सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद वे इस राशि को ब्याज सहित निकाल सकते हैं। |
अंतर्जातीय विवाह शगुन योजना के लिए अनिवार्य पात्रता शर्तें (Eligibility)
इस योजना का लाभ उठाने और किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े से बचने के लिए सरकार ने कुछ सख्त नियम और कानूनी पात्रता मापदंड निर्धारित किए हैं:
- जाति का संयोजन (Caste Combination): यह सबसे मुख्य शर्त है। पति या पत्नी में से कोई एक अनिवार्य रूप से अनुसूचित जाति (SC वर्ग) का होना चाहिए और दूसरा पक्ष गैर-अनुसूचित जाति (General या OBC वर्ग) से होना चाहिए। दोनों साथी एक ही वर्ग के होने पर लाभ नहीं मिलेगा।
- मूल निवास: विवाहित जोड़े में से किसी भी एक (पति या पत्नी) का हरियाणा राज्य का स्थायी निवासी (Domicile) होना अनिवार्य है।
- प्रथम विवाह (First Marriage): यह दोनों पक्षों (वर और वधू) की **पहली शादी** होनी चाहिए। हालांकि, यदि कोई साथी विधवा (Widow) या विधुर है, तो उचित कानूनी मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर इस नियम में विशेष छूट दी जा सकती है।
- कानूनी पंजीकरण (Marriage Certificate): विवाह किसी भी पद्धति (लव मैरिज या अरेंज मैरिज) से हुआ हो, लेकिन उसका हिंदू विवाह अधिनियम 1955 या विशेष विवाह अधिनियम के तहत **वैध कोर्ट मैरिज पंजीकरण** होना अनिवार्य है।
- समय-सीमा (Time Limit): योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विवाह संपन्न होने या मैरिज सर्टिफिकेट जारी होने की तारीख से 1 वर्ष (12 महीने) के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
ऑनलाइन आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents Checklist)
सरल हरियाणा पोर्टल पर क्लेम फॉर्म भरते समय आपको निम्नलिखित महत्वपूर्ण दस्तावेजों की स्पष्ट डिजिटल स्कैन कॉपी (PDF/JPG) अपलोड करनी होगी:
- पहचान पत्र: पति और पत्नी दोनों का आधार कार्ड। (आधार कार्ड पर नाम और जन्मतिथि बिल्कुल सही होनी चाहिए)।
- विवाह का प्रमाण पत्र (Marriage Certificate): जिला विवाह रजिस्ट्रार या तहसीलदार कार्यालय द्वारा जारी किया गया ओरिजिनल मैरिज सर्टिफिकेट।
- निवास प्रमाण पत्र: हरियाणा के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) और **परिवार पहचान पत्र (Family ID)**।
- जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate): जो साथी अनुसूचित जाति से संबंध रखता है, उसका डिजिटल रूप से जारी किया गया **SC जाति प्रमाण पत्र**।
- संयुक्त बैंक खाता (Joint Bank Account): किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में पति और पत्नी का एक **संयुक्त बैंक खाता** होना चाहिए, जो आधार कार्ड से लिंक (NPCI Seeded) हो और जिसमें DBT चालू हो।
- फोटोग्राफ्स: शादी संपन्न होने के समय की एक स्पष्ट **संयुक्त रंगीन फोटो (फेरे या वरमाला की)** और दोनों की पासपोर्ट साइज फोटो।
- आयु का प्रमाण: दोनों की न्यूनतम कानूनी आयु (लड़का 21 वर्ष, लड़की 18 वर्ष) सिद्ध करने के लिए 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र।
सरल हरियाणा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)
हरियाणा सरकार ने ‘अंत्योदय सरल’ प्रणाली के तहत इस योजना की पूरी प्रक्रिया को फेसलेस और ऑनलाइन कर दिया है। आप नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना फॉर्म भर सकते हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट खोलें: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर हरियाणा सरकार के आधिकारिक नागरिक पोर्टल saralharyana.gov.in पर जाएं। (डायरेक्ट लिंक नीचे तालिका में दिया गया है)।
- नया उपयोगकर्ता पंजीकरण (New Registration): यदि आप इस पोर्टल पर पहली बार आए हैं, तो लॉगिन बॉक्स के नीचे दिए गए ‘New User? Register Here’ के लिंक पर क्लिक करें। अपना नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर दर्ज करके और पासवर्ड सेट करके अपना अकाउंट बनाएं।
- पोर्टल पर लॉगिन करें: अकाउंट एक्टिवेट होने के बाद, अपनी लॉगिन आईडी (Email ID) और पासवर्ड दर्ज करके, साथ ही कैप्चा कोड भरकर पोर्टल में लॉगिन करें।
- सर्विस सर्च करें: डैशबोर्ड खुलने पर बाईं ओर दिए गए मेनू में ‘Apply for Services’ पर क्लिक करें और फिर ‘View all Available Services’ का चयन करें।
- योजना का चयन: दाईं ओर दिए गए सर्च बॉक्स (Search Box) में ‘Inter Caste Marriage’ टाइप करें। आपके सामने ‘मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना’ का आधिकारिक लिंक आ जाएगा, उस पर क्लिक करें।
- परिवार पहचान पत्र दर्ज करें (Family ID Validation): अब आपसे आपकी **Family ID** मांगी जाएगी। अपनी हरियाणा परिवार पहचान पत्र संख्या दर्ज करें और ‘Fetch Details’ पर क्लिक करें। सदस्यों की लिस्ट में से पति और पत्नी के नाम का चयन करें और मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को डालकर वेरीफाई करें।
- विस्तृत विवरण भरें: अब मुख्य आवेदन फॉर्म खुल जाएगा। इसमें विवाह की तिथि, विवाह का स्थान, मैरिज सर्टिफिकेट नंबर, जाति का विवरण और अपने जॉइंट बैंक अकाउंट की जानकारी बिल्कुल सही-सही भरें।
- दस्तावेज अपलोड करें (Upload Documents): ‘Attach Annexure’ बटन पर क्लिक करके अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों (मैरिज सर्टिफिकेट, आधार, पासबुक, जाति प्रमाण पत्र) की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- फाइनल सबमिट और पावती: फॉर्म को पूरी तरह से जांचने (Preview) के बाद **’Submit’** बटन पर क्लिक कर दें। स्क्रीन पर एक **एप्लिकेशन रेफरेंस नंबर (Acknowledgement Receipt)** दिखाई देगा। इसे डाउनलोड करके इसका प्रिंट आउट निकाल लें, ताकि भविष्य में स्टेटस ट्रैक किया जा सके।
सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया (Verification Process)
ऑनलाइन आवेदन सबमिट होने के बाद आपकी फाइल आपके जिले के ‘जिला कल्याण अधिकारी’ (District Welfare Officer – DWO) के पास ऑनलाइन चली जाती है। विभाग की एक टीम आपके विवाह के पंजीकरण, जाति प्रमाण पत्र और आपके पड़ोसियों से आपके एक साथ रहने की भौतिक पुष्टि (Physical Verification) करती है। सभी दस्तावेज 100% सही पाए जाने पर आपके क्लेम को अप्रूव कर दिया जाता है और योजना की पहली किश्त (₹1,25,000) आपके जॉइंट खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है तथा शेष राशि की एफडी (FD) करवा दी जाती है।
महत्वपूर्ण डायरेक्ट लिंक्स (Official Direct Links 2026)
| महत्वपूर्ण सेवाएँ (Service Name) | डायरेक्ट लिंक (Click Here) |
|---|---|
| अंतर्जातीय विवाह योजना ऑनलाइन आवेदन करें (Saral Haryana) | यहाँ क्लिक करें |
| अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक करें (Track Application Status) | यहाँ क्लिक करें |
| हरियाणा विवाह पंजीकरण (Marriage Certificate) आधिकारिक पोर्टल | यहाँ क्लिक करें |
| मैरिज सर्टिफिकेट व पासबुक पीडीएफ टूल्स (Premium Tools) | igrroww Tools (यहाँ क्लिक करें) |
| सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा मुख्य वेबसाइट | यहाँ क्लिक करें |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs – Inter-Caste Marriage Scheme)
Q1. क्या सरकार द्वारा दी जाने वाली यह ₹2.5 लाख की राशि भविष्य में कभी वापस (Refund) करनी पड़ती है?
उत्तर: नहीं। यह सरकार द्वारा अंतर्जातीय विवाह करने वाले जोड़ों को दी जाने वाली एक **एकमुश्त गैर-वापसी योग्य (Non-Refundable) प्रोत्साहन राशि** है। इसे आपको सरकार को कभी भी वापस नहीं करना होता है। यह राशि पूरी तरह से दंपत्ति की आर्थिक सुरक्षा और उनके नए वैवाहिक जीवन को स्थिरता प्रदान करने के लिए दी जाती है।
Q2. यदि लड़का और लड़की दोनों ही अलग-अलग अनुसूचित जाति (SC) उप-जाति से आते हैं, तो क्या लाभ मिलेगा?
उत्तर: नहीं। इस योजना के कड़े नियमों के अनुसार, विवाह अनिवार्य रूप से एक **अनुसूचित जाति (SC)** के सदस्य और दूसरे **गैर-अनुसूचित जाति (General या OBC)** के सदस्य के बीच होना चाहिए। यदि लड़का ‘चमार’ जाति से है और लड़की ‘वाल्मीकि’ जाति से है (अर्थात दोनों ही अलग-अलग अनुसूचित जातियों से हैं), तो वे इस योजना के तहत लाभ पाने के पात्र नहीं माने जाएंगे।
Q3. हमारी शादी को 1 साल और 2 महीने बीत चुके हैं, क्या हम अब आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं। सामाजिक न्याय विभाग के नियमानुसार, आपको अपने विवाह पंजीकरण (Marriage Registration Date) की तिथि से **नियमतः 1 वर्ष (365 दिन) के भीतर** ही सरल पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होती है। यदि आपकी शादी को 1 वर्ष से एक दिन भी अधिक का समय बीत चुका है, तो सिस्टम आपका फॉर्म स्वीकार नहीं करेगा और आपकी पात्रता स्वतः ही समाप्त हो जाएगी।
Q4. क्या इस योजना का लाभ उठाने के लिए कोई वार्षिक पारिवारिक आय सीमा (Income Limit) भी निर्धारित है?
उत्तर: नहीं, मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना के तहत आवेदन करने के लिए सरकार द्वारा **कोई भी अधिकतम आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है**। दंपत्ति की वार्षिक आय कितनी भी हो, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। मुख्य फोकस केवल जातिगत संयोजन (एक SC और एक गैर-SC) और विवाह के कानूनी पंजीकरण पर होता है।
Q5. क्या इस योजना के लिए पति और पत्नी दोनों का अलग-अलग बैंक खाता चल सकता है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। भ्रष्टाचार और किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत विवाद की स्थिति में धोखाधड़ी को रोकने के लिए, विभाग द्वारा यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सहायता राशि केवल और केवल **पति और पत्नी के एक ‘संयुक्त बैंक खाते’ (Joint Bank Account)** में ही भेजी जाएगी। इसके अलावा, वह खाता किसी राष्ट्रीयकृत बैंक (जैसे SBI, PNB) में होना चाहिए और दोनों के आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख देश के नागरिकों और युवाओं को हरियाणा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक समरसता नीतियों और ‘सरल हरियाणा’ पोर्टल की कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा समय-समय पर योजना की देय राशि (₹2.5 लाख), किश्तों के नियमों (FD अवधि) और पात्रता की शर्तों में प्रशासनिक या तकनीकी बदलाव किए जा सकते हैं। अतः किसी भी अंतिम निर्णय या आवेदन से पूर्व, कृपया हमेशा सरकार के आधिकारिक सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर उपलब्ध नवीनतम नियमों और दिशा-निर्देशों (Guidelines) का भली-भांति अवलोकन अवश्य करें।


