आपके खिलाफ कोई कोर्ट केस या FIR तो नहीं? ऐसे चेक करें

रोजमर्रा के जीवन में कई बार जाने-अनजाने में हमारे किसी व्यक्ति, पड़ोसी या रिश्तेदार के साथ विवाद हो जाते हैं। कई बार व्यापारिक लेन-देन में चेक बाउंस (Check Bounce) हो जाता है, या कोई पारिवारिक विवाद पुलिस तक पहुँच जाता है। ऐसे में हमें इस बात की भनक तक नहीं लगती कि सामने वाले व्यक्ति ने हमारे खिलाफ पुलिस स्टेशन में कोई शिकायत (FIR) दर्ज करा दी है या सीधे कोर्ट में कोई मुकदमा (Court Case) दायर कर दिया है। जब तक कोर्ट से कोई समन (Summons) या पुलिस का नोटिस घर पर नहीं आता, तब तक हम अनजान रहते हैं, जिससे अचानक कोई बड़ी कानूनी परेशानी खड़ी हो सकती है।
इसके अलावा, यदि आप कोई नया घर या जमीन खरीद रहे हैं, किसी नई कंपनी में नौकरी (Job Background Verification) जॉइन कर रहे हैं, विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बनवा रहे हैं, या किसी व्यक्ति के साथ विवाह (Marriage Background Check) के बंधन में बंधने जा रहे हैं, तो यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है कि उस व्यक्ति या संपत्ति पर कोई कोर्ट केस लंबित (Pending) तो नहीं है। इन्हीं सब कानूनी परेशानियों से आम नागरिकों को बचाने और न्यायपालिका में पारदर्शिता लाने के लिए भारत सरकार के न्याय विभाग ने eCourts (ई-कोर्ट्स) पोर्टल और मोबाइल ऐप की शुरुआत की है। अब आप घर बैठे अपने मोबाइल से किसी भी व्यक्ति के नाम (Party Name), FIR नंबर या केस नंबर के जरिए पूरे भारत के किसी भी जिला या उच्च न्यायालय में चल रहे मुकदमों की 100% सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस लेख में हम आपको इसकी पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया (Step-by-Step) समझाएंगे।
कोर्ट केस का स्टेटस चेक करने के मुख्य तरीके (Search Options)
eCourts पोर्टल पर किसी भी मुकदमे को खोजने के लिए कई विकल्प (Search Filters) दिए गए हैं। आपके पास इनमें से कोई भी एक जानकारी (Detail) होनी चाहिए:
- 1. नाम के द्वारा (Search by Party Name): यह सबसे आसान और लोकप्रिय तरीका है। यदि आपको केस नंबर नहीं पता, तो आप केवल अपना या उस व्यक्ति का नाम (जिसके खिलाफ केस चेक करना है) डालकर सर्च कर सकते हैं।
- 2. एफआईआर नंबर के द्वारा (Search by FIR Number): यदि पुलिस में FIR दर्ज हुई है, तो आप अपने पुलिस स्टेशन (Police Station) का नाम और वह FIR नंबर डालकर चेक कर सकते हैं कि पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट (Challan) पेश की है या नहीं।
- 3. केस नंबर के द्वारा (Search by Case Number): यदि आपको कोर्ट से कोई नोटिस आया है जिस पर केस नंबर (जैसे- CC/123/2025) लिखा है, तो आप सीधे केस नंबर डालकर अगली तारीख (Next Hearing Date) जान सकते हैं।
- 4. वकील के नाम से (By Advocate Name): आप उस वकील का नाम या बार काउंसिल नंबर डालकर भी उनके द्वारा लड़े जा रहे सभी केसों की लिस्ट देख सकते हैं।
नाम से कोर्ट केस ऑनलाइन कैसे चेक करें? (Step-by-Step Guide)
यदि आपको सिर्फ नाम पता है और आप यह देखना चाहते हैं कि आपके जिले की अदालतों में उस नाम से कोई केस चल रहा है या नहीं, तो इन आसान चरणों का पालन करें:
- ई-कोर्ट्स पोर्टल खोलें: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में भारत सरकार के eCourts (ई-कोर्ट्स) की आधिकारिक वेबसाइट services.ecourts.gov.in पर जाएं। (डायरेक्ट लिंक नीचे तालिका में दिया गया है)।
- लोकेशन (Location) सेट करें: वेबसाइट के होमपेज पर बाईं तरफ दिए गए पैनल में सबसे पहले अपना राज्य (State) चुनें। उसके बाद अपना जिला (District) चुनें। अंत में Court Complex (अदालत का नाम) चुनें, जैसे ‘District and Sessions Court’।
- ‘Party Name’ का विकल्प चुनें: लोकेशन चुनने के बाद, ऊपर दिए गए टैब में से ‘Party Name’ (पक्षकार का नाम) वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- नाम और वर्ष दर्ज करें (Fill Details): अब एक नया फॉर्म खुलेगा। ‘Petitioner/Respondent’ वाले बॉक्स में उस व्यक्ति का नाम (अपना या किसी और का) दर्ज करें जिसका बैकग्राउंड आप चेक करना चाहते हैं। उसके बाद ‘Registration Year’ (जिस साल केस होने की आशंका हो, जैसे 2024 या 2025) डालें। (यदि वर्ष नहीं पता, तो इसे खाली छोड़ दें)।
- केस की स्थिति (Case Status) चुनें: अब आप ‘Pending’ (लंबित केस), ‘Disposed’ (ख़त्म हो चुके केस) या ‘Both’ (दोनों) में से किसी एक रेडियो बटन (Radio Button) का चयन करें।
- कैप्चा भरें और खोजें (Search): स्क्रीन पर दिखाई दे रहे कैप्चा कोड (Captcha Code) को बॉक्स में सावधानीपूर्वक भरें और नीचे दिए गए ‘Go’ बटन पर क्लिक करें।
- रिजल्ट्स (Results) चेक करें: यदि उस नाम और जिले में कोर्ट के अंदर कोई भी सिविल (दीवानी) या क्रिमिनल (फौजदारी) केस दर्ज होगा, तो उसकी पूरी लिस्ट केस नंबर के साथ आपकी स्क्रीन पर आ जाएगी। आप दाईं ओर दिए गए ‘View’ (देखें) बटन पर क्लिक करके केस की पूरी हिस्ट्री, जज का नाम, अगली पेशी की तारीख और पुराने आदेश (Orders) की कॉपी पीडीएफ (PDF) में पढ़ सकते हैं।
eCourts Services मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कैसे करें?
सुप्रीम कोर्ट ई-कमेटी ने आम लोगों और वकीलों की सुविधा के लिए ‘eCourts Services’ नाम से एक बहुत ही बेहतरीन मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च किया है। यह Google Play Store (Android) और Apple App Store (iOS) दोनों पर फ्री में उपलब्ध है। यदि आपका कोई कोर्ट केस चल रहा है, तो आप इस ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं। आप अपने केस नंबर के आगे दिए गए ‘Save’ (My Cases) बटन पर क्लिक करके उसे ऐप में सेव कर सकते हैं। इसके बाद जब भी आपके केस में कोई नई तारीख (Next Hearing Date) लगेगी या जज कोई नया आदेश (Order) पारित करेंगे, तो आपको तुरंत ऐप पर नोटिफिकेशन (Notification) मिल जाएगा। आपको तारीख पता करने के लिए बार-बार अपने वकील को फोन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
महत्वपूर्ण डायरेक्ट लिंक्स (Official Direct Links 2026)
| महत्वपूर्ण सेवाएँ (Service Name) | डायरेक्ट लिंक (Click Here) |
|---|---|
| अपने नाम से कोर्ट केस चेक करें (Search by Party Name) | यहाँ क्लिक करें |
| FIR नंबर से कोर्ट केस का स्टेटस देखें (Search by FIR No.) | यहाँ क्लिक करें |
| कोर्ट के आदेश / जजमेंट की कॉपी डाउनलोड करें (Court Orders) | यहाँ क्लिक करें |
| आधिकारिक ‘eCourts Services’ मोबाइल ऐप डाउनलोड करें | यहाँ क्लिक करें |
| कोर्ट आर्डर (PDF) कंप्रेस और डॉक्यूमेंट रिसाइज़ टूल्स | igrroww Tools (यहाँ क्लिक करें) |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs – Check eCourts Status)
Q1. अगर किसी ने मेरे खिलाफ कल ही FIR दर्ज की है, तो क्या वह तुरंत eCourts पोर्टल पर दिख जाएगी?
उत्तर: नहीं। ई-कोर्ट्स (eCourts) पोर्टल पुलिस का डेटाबेस नहीं है, बल्कि यह न्यायपालिका (अदालतों) का डेटाबेस है। जब कोई पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराता है, तो वह तुरंत कोर्ट में नहीं आती है। जब पुलिस उस मामले की जांच पूरी करके कोर्ट में चार्जशीट (Challan) पेश करती है, केवल उसके बाद ही वह केस दर्ज होता है और eCourts पोर्टल पर दिखाई देता है। FIR की तुरंत जानकारी के लिए आपको अपने राज्य के CCTNS पुलिस पोर्टल या सिटीजन ऐप का उपयोग करना होगा।
Q2. नाम से सर्च (Party Name) करने पर बहुत सारे लोगों के केस आ रहे हैं, मैं अपना केस कैसे पहचानूं?
उत्तर: भारत में एक ही नाम के कई लोग होते हैं (जैसे ‘Rahul’ या ‘Amit’)। यदि आप केवल ‘Rahul’ लिखकर सर्च करेंगे, तो जिले के सभी राहुल नाम के केस खुल जाएंगे। अपने केस को सटीक तरीके से खोजने के लिए, आपको ‘Party Name’ के बॉक्स में ‘अपना नाम और पिता का नाम’ (जैसे- Rahul s/o Ramesh) डालकर खोजना चाहिए। इससे रिजल्ट फ़िल्टर हो जाएंगे और आपको सही जानकारी मिलेगी।
Q3. क्या eCourts पर केस स्टेटस चेक करने के लिए कोई सरकारी फीस या चार्ज देना पड़ता है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। भारत के सर्वोच्च न्यायालय और न्याय विभाग द्वारा संचालित ई-कोर्ट्स (eCourts) की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर दी जाने वाली सभी सुविधाएं (केस चेक करना, आदेश डाउनलोड करना, अगली तारीख देखना) आम नागरिकों के लिए 100% निःशुल्क (Free of Cost) हैं। इसके लिए किसी भी तरह का लॉगिन आईडी या भुगतान नहीं करना पड़ता है।
Q4. मुझे कोर्ट का नाम या कॉम्प्लेक्स (Court Complex) नहीं पता है, तो मैं केस कैसे खोजूं?
उत्तर: यदि आपको यह नहीं पता है कि केस किस अदालत (जैसे फैमिली कोर्ट, सेशन कोर्ट या मजिस्ट्रेट कोर्ट) में चल रहा है, तो कोई बात नहीं। आप केवल अपना ‘State’ (राज्य) और ‘District’ (जिला) सिलेक्ट करें। ‘Court Complex’ वाले विकल्प को ऐसे ही छोड़ दें या उसमें सभी कोर्ट्स को सेलेक्ट रहने दें। जब आप सर्च करेंगे, तो पोर्टल उस पूरे जिले की सभी अदालतों का डेटा एक साथ खंगाल कर आपको रिजल्ट दिखा देगा।
Q5. क्या मैं इस पोर्टल से पुराने (Disposed) केस और जजमेंट (फैसले) की कॉपी डाउनलोड कर सकता हूँ?
उत्तर: जी हाँ! यदि आपका कोई पुराना केस जो सालों पहले ख़त्म (Disposed) हो चुका है, या आप किसी ऐतिहासिक जजमेंट को पढ़ना चाहते हैं, तो आप पोर्टल के होमपेज पर ‘Court Orders’ या ‘Judgments’ विकल्प पर जाकर उसे सर्च कर सकते हैं। आप जज द्वारा हस्ताक्षरित फैसले की सर्टिफाइड (Certified) जैसी कॉपी पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख देश के आम नागरिकों को भारत सरकार के ई-कोर्ट (eCourts) मिशन और ऑनलाइन न्यायिक सुविधाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। पोर्टल पर दर्ज केस की स्थिति, अगली तारीख और आदेशों की अपलोडिंग में तकनीकी या क्लर्क स्तर की देरी (Clerical Delay) हो सकती है। किसी भी कानूनी मामले, जमानत या पेशी के संबंध में अंतिम और प्रामाणिक जानकारी के लिए कृपया अपने वकील (Advocate) या संबंधित न्यायालय के बाबू (Ahlmad) से ही संपर्क करें।


