प्रधान या सरपंच ने गाँव के विकास के लिए कितना पैसा निकाला? ऑनलाइन कैसे चेक करें

भारत की आत्मा उसके गाँवों में बसती है, और गाँवों का विकास पंचायती राज व्यवस्था (Panchayati Raj System) के माध्यम से किया जाता है। ग्रामीण विकास के लिए भारत सरकार (जैसे मनरेगा, 15वां वित्त आयोग) और राज्य सरकारें मिलकर हर साल ग्राम पंचायतों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये का बजट (Fund) सीधे ट्रांसफर करती हैं। यह पैसा गाँव की पक्की सड़कें बनाने, नालियों का निर्माण करने, हैंडपंप लगाने, पंचायत भवन और स्कूलों की मरम्मत करने, और स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे सार्वजनिक कार्यों के लिए होता है। लेकिन विडंबना यह है कि गाँव के अधिकांश आम नागरिकों को यह पता ही नहीं होता कि उनके गाँव के प्रधान, मुखिया या सरपंच (Sarpanch) को विकास कार्यों के लिए सरकार से कितना पैसा मिला है, और वह पैसा वास्तव में किस काम पर खर्च किया गया है।
इसी अज्ञानता के कारण कई बार पंचायतों में भ्रष्टाचार (Corruption) पनपता है। प्रधान और सचिव मिलकर कागजों पर काम दिखा देते हैं और पैसा निकाल लेते हैं, जबकि जमीन पर कोई काम नहीं होता। गाँव के लोगों को सशक्त बनाने और पंचायती राज व्यवस्था में 100% पारदर्शिता (Transparency) लाने के लिए, भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय (Ministry of Panchayati Raj) ने एक बेहद शक्तिशाली और क्रांतिकारी डिजिटल टूल लॉन्च किया है, जिसका नाम है— ई-ग्राम स्वराज (eGramSwaraj)। यह एक पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन है। अब देश का कोई भी आम नागरिक अपने मोबाइल फोन पर सिर्फ 2 मिनट में अपने गाँव के फंड, स्वीकृत कार्यों और सरपंच द्वारा निकाले गए एक-एक रुपये का पूरा हिसाब (Expenditure Details) घर बैठे देख सकता है। इस लेख में हम आपको इस ऐप को इस्तेमाल करने और मध्य प्रदेश के ‘पंचायत दर्पण’ (Panchayat Darpan) पोर्टल की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाएंगे।
ई-ग्राम स्वराज (eGramSwaraj) ऐप पर क्या-क्या चेक किया जा सकता है?
इस ऐप और पोर्टल को ग्रामीण जनता के लिए एक ‘ओपन लेजर’ (Open Ledger) की तरह डिज़ाइन किया गया है। आप इसमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियाँ देख सकते हैं:
- 1. स्वीकृत कार्य (Approved Activities): आपके गाँव में वित्तीय वर्ष (Financial Year) के दौरान सरकार ने किन-किन कामों को मंजूरी (Approval) दी है (जैसे- श्मशान घाट की बाउंड्री, प्राइमरी स्कूल का शौचालय आदि)।
- 2. बजट आवंटन (Budget Allocation): प्रत्येक विशेष काम (Project) को पूरा करने के लिए सरकार ने कितना पैसा (बजट) पास किया है।
- 3. वित्तीय प्रगति (Financial Progress / Expenditure): यह सबसे महत्वपूर्ण है। आप देख सकते हैं कि सरपंच या प्रधान ने उस विशेष काम के लिए बैंक से अब तक कितना पैसा निकाल लिया है (खर्च किया है)।
- 4. कार्य की स्थिति (Physical Progress): कोई भी स्वीकृत काम अभी किस स्थिति में है— क्या वह अभी शुरू नहीं हुआ है (Not Started), काम चल रहा है (Ongoing), या पूरा हो चुका है (Completed)।
- 5. पंचायत अधिकारियों का विवरण: आपकी ग्राम पंचायत के प्रधान (Sarpanch) और पंचायत सचिव (Panchayat Secretary / VDO) का नाम और उनका मोबाइल नंबर (यदि उपलब्ध हो)।
प्रधान / सरपंच का खर्चा (Fund Details) कैसे चेक करें? (Step-by-Step Guide)
अपने गाँव का विकास फंड और खर्च देखने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और निःशुल्क (Free) है। इसके लिए आपको किसी आईडी-पासवर्ड की आवश्यकता नहीं है। नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करें:
- ऐप डाउनलोड करें: सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के Google Play Store पर जाएं और ‘eGramSwaraj’ (National Informatics Centre) का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करके इंस्टॉल करें। (डायरेक्ट लिंक नीचे राज्यवार तालिका में दिया गया है)।
- लोकेशन (Location) का चयन करें: ऐप को ओपन करने के बाद आपके सामने ड्रॉपडाउन मेनू (Dropdown Menu) आएंगे। यहाँ सबसे पहले अपना राज्य (State) चुनें। फिर अपनी जिला परिषद (Zila Parishad / District) का नाम चुनें, उसके बाद पंचायत समिति (Block / Tehsil) चुनें, और अंत में अपनी ग्राम पंचायत (Gram Panchayat / Village) का नाम चुनकर नीचे ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।
- वित्तीय वर्ष (Financial Year) चुनें: अब स्क्रीन पर वित्तीय वर्ष का विकल्प आएगा। जिस साल का हिसाब आप देखना चाहते हैं (जैसे 2025-2026 या पुराना 2024-2025), उसका चयन करें।
- ‘Approved Activities’ (स्वीकृत कार्य) देखें: होमस्क्रीन पर ‘Approved Activities’ के हरे बटन पर क्लिक करें। यहाँ आपको पता चलेगा कि इस साल सरकार ने गाँव के विकास के लिए कुल कितने रुपये का बजट (Total Amount in Rupees) पास किया है और कितने काम (Total Works) मंजूर किए हैं। आप ‘Details’ पर क्लिक करके प्रत्येक काम की पूरी लिस्ट (जैसे ‘वार्ड नंबर 4 में नाली का निर्माण’) और उसका बजट देख सकते हैं।
- ‘Financial Progress’ (वित्तीय प्रगति/खर्च) चेक करें: होमस्क्रीन पर वापस आएं और ‘Financial Progress’ के विकल्प पर क्लिक करें। यहाँ आपको ‘Receipt’ (प्राप्त राशि) और ‘Expenditure’ (खर्च की गई राशि) दिखाई देगी। ‘Expenditure’ के कॉलम में वह पैसा लिखा होता है जो प्रधान और सचिव ने संयुक्त हस्ताक्षर (Joint Signature / DSC) से बैंक से निकाल लिया है। यदि खर्च की गई राशि (Expenditure) दर्ज है, लेकिन गाँव में वह काम हुआ ही नहीं है, तो इसका मतलब है कि पैसे का गबन (घोटाला) हुआ है।
मध्य प्रदेश के लिए विशेष ‘पंचायत दर्पण’ पोर्टल (MP Panchayat Darpan)
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नागरिकों को एक अतिरिक्त और बहुत ही विस्तृत सुविधा प्राप्त है। म.प्र. सरकार ने पंचायती राज का अपना एक अलग और उन्नत पोर्टल ‘पंचायत दर्पण’ (mppanchayatdarpan.gov.in) बनाया है। मध्य प्रदेश के लोग eGramSwaraj के साथ-साथ इस पोर्टल का भी उपयोग कर सकते हैं:
- पंचायत दर्पण पोर्टल पर जाकर ‘Panchayat Search’ (पंचायत खोजें) विकल्प पर क्लिक करें।
- अपना जिला, जनपद पंचायत (ब्लॉक) और ग्राम पंचायत चुनें।
- इस पोर्टल पर आपको सरपंच का पूरा ब्यौरा तो मिलेगा ही, साथ ही आप पंचायत द्वारा किए गए ई-पेमेंट (e-Payment Orders – EPO) का विस्तृत विवरण भी देख सकते हैं। यानी पंचायत ने किस वेंडर (दुकानदार या ठेकेदार) को, किस तारीख को, किस बैंक खाते में, कितना पैसा ट्रांसफर किया है, उसकी पूरी रसीद आप यहाँ से चेक कर सकते हैं।
राज्यवार महत्वपूर्ण डायरेक्ट लिंक्स (Official Download Links 2026)
| राज्य (State Name) | आधिकारिक डायरेक्ट लिंक (Click Here) |
|---|---|
| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) | पंचायत दर्पण पोर्टल पर चेक करें |
| उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) | eGramSwaraj App Download |
| बिहार (Bihar) | eGramSwaraj App Download |
| हरियाणा (Haryana) | eGramSwaraj App Download |
| असम (Assam) | eGramSwaraj App Download |
| अन्य सभी राज्य (All Other States) | eGramSwaraj App Download |
| ई-ग्राम स्वराज आधिकारिक वेब पोर्टल | यहाँ क्लिक करें |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs – eGramSwaraj / Panchayat Funds)
Q1. यदि ऐप में दिख रहा है कि प्रधान ने सड़क बनाने के लिए 2 लाख रुपये निकाल लिए हैं, लेकिन गाँव में कोई सड़क नहीं बनी है, तो मैं क्या करूँ?
उत्तर: यह सीधे तौर पर सरकारी पैसे के गबन (भ्रष्टाचार) का मामला है। यदि आपको ऐप के माध्यम से ऐसा पक्का सबूत मिल जाता है, तो आप उस स्क्रीनशॉट का प्रिंट निकालकर गाँव के 2-4 लोगों के साथ मिलकर ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) या जिले के जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO / CEO Zila Panchayat) को लिखित शिकायत दे सकते हैं। इसके अलावा, आप अपने राज्य की ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन’ (CM Helpline – जैसे यूपी में 1076, एमपी में 181) पर भी फोन करके तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जाँच के बाद दोषी प्रधान पर मुकदमा (FIR) दर्ज हो सकता है और पैसा वसूला जा सकता है。
Q2. क्या मैं बिना ऐप डाउनलोड किए कंप्यूटर या लैपटॉप पर भी यह जानकारी देख सकता हूँ?
उत्तर: जी हाँ, बिल्कुल। यदि आप ऐप का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो आप अपने कंप्यूटर या मोबाइल ब्राउज़र पर भारत सरकार के आधिकारिक वेब पोर्टल egramswaraj.gov.in पर जा सकते हैं। वहां नीचे स्क्रॉल करने पर ‘Reports’ (रिपोर्ट्स) सेक्शन में ‘Planning’ और ‘Accounting’ के विकल्प मिलेंगे, जहाँ से आप अपने गाँव की पूरी पंचायत प्रोफाइल और बजट विस्तार से चेक कर सकते हैं。
Q3. क्या ई-ग्राम स्वराज ऐप पर चेक करने के लिए मुझे अकाउंट (लॉगिन) बनाना होगा?
उत्तर: नहीं। आम नागरिकों को इस रिपोर्ट को देखने के लिए कोई यूजर आईडी, पासवर्ड या ओटीपी (OTP) की आवश्यकता नहीं होती है। यह एक ओपन और पब्लिक डेटाबेस (Public Database) है। ‘लॉगिन’ का विकल्प केवल पंचायत सचिवों और अधिकारियों के लिए होता है जो इसमें बिल (Vouchers) और डेटा अपलोड करते हैं。
Q4. मेरे गाँव का डेटा (खर्च) ऐप पर 0 (शून्य) दिखा रहा है, ऐसा क्यों?
उत्तर: इसके दो कारण हो सकते हैं। पहला, हो सकता है कि उस विशेष वित्तीय वर्ष (Financial Year) में आपकी ग्राम पंचायत को सरकार से कोई नया फंड प्राप्त ही न हुआ हो। दूसरा और सबसे मुख्य कारण यह है कि आपके पंचायत सचिव (Secretary) ने अभी तक पोर्टल पर खर्चों के वाउचर और मस्टररोल (Muster roll) अपडेट (Feed) नहीं किए हैं। आप इस लापरवाही के लिए सचिव से सवाल कर सकते हैं, क्योंकि सरकार के निर्देशों के अनुसार खर्चे का डिजिटल रिकॉर्ड हर महीने अपडेट करना अनिवार्य है。
Q5. क्या मनरेगा (MGNREGA) के तहत होने वाले कामों का पैसा भी इसी ऐप में दिखता है?
उत्तर: ‘ई-ग्राम स्वराज’ मुख्य रूप से ग्राम पंचायत को मिलने वाले 15वें वित्त आयोग (15th Finance Commission) और राज्य वित्त आयोग के अनटाइड/टाइड फंड (Untied/Tied Funds) का हिसाब रखता है। मनरेगा (NREGA) के तहत जो मिट्टी के काम या मजदूरों की हाजिरी (Job Card details) होती है, उसकी विस्तृत जानकारी के लिए भारत सरकार का एक अलग पोर्टल nrega.nic.in है। हालाँकि, यदि मनरेगा और पंचायत फंड को मिलाकर (Convergence) कोई बड़ा काम हुआ है, तो उसका संक्षिप्त विवरण (Approved Activities) आपको eGramSwaraj पर भी देखने को मिल सकता है。
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख देश के आम नागरिकों को पंचायती राज मंत्रालय की ई-गवर्नेंस पहलों और उनके सूचना के अधिकार (Right to Information) के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। पोर्टल पर दर्ज वित्तीय आंकड़ों, अपडेट होने की गति और राज्य-विशिष्ट नोडल पोर्टलों (जैसे म.प्र. में पंचायत दर्पण) में तकनीकी कारणों से भिन्नता हो सकती है। किसी भी कानूनी कार्यवाही या शिकायत से पूर्व कृपया ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से भौतिक रिकॉर्ड (Cashbook/Register) का अवलोकन अवश्य करें。


