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बेटी की शादी के लिए सरकार देगी 1 लाख रुपये तक की नकद सहायता, राज्यवार ऑनलाइन आवेदन व पूरी जानकारी

मुख्यमंत्री विवाह अनुदान योजना 2026: बेटी की शादी के लिए सरकार देगी 1 लाख रुपये तक की नकद सहायता, राज्यवार ऑनलाइन आवेदन व पूरी जानकारी

भारत एक सांस्कृतिक और सामाजिक विविधताओं वाला देश है, जहाँ बेटियों की शादी को जीवन का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण कर्तव्य माना जाता है। लेकिन आज के इस महंगाई के दौर में किसी भी बेटी की शादी को सम्मानपूर्वक और अच्छे ढंग से संपन्न करना आर्थिक रूप से कमजोर, गरीब और सीमांत परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा वित्तीय बोझ बन जाता है। कई बार गरीब माता-पिता को अपनी बेटी के हाथ पीले करने के लिए साहूकारों से भारी ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता है या अपनी जमीन गिरवी रखनी पड़ती है। इसी गंभीर सामाजिक और आर्थिक समस्या को दूर करने के लिए भारत की केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों की सरकारों द्वारा संयुक्त और व्यक्तिगत रूप से कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिन्हें मुख्य रूप से ‘मुख्यमंत्री विवाह अनुदान योजना’ (Vivah Anudan Yojana), ‘कन्यादान योजना’, ‘शादी शगुन योजना’ (Shadi Shagun) या ‘कल्याण लक्ष्मी’ के नाम से जाना जाता है।

इस विशेष योजना के अंतर्गत गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी के अवसर पर आर्थिक मदद देने के उद्देश्य से सरकार द्वारा ₹51,000 से लेकर ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) तक की एकमुश्त वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। वर्ष 2026 में इस योजना के नियमों को और अधिक उदार, पारदर्शी और पूरी तरह से ऑनलाइन बना दिया गया है ताकि किसी भी गरीब परिवार को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और बिचौलियों या भ्रष्टाचार से मुक्ति मिल सके। अब योग्य अभिभावक अपनी बेटी की शादी तय होने पर सीधे अपने मोबाइल से या नजदीकी सीएससी (CSC) केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे विवाह के समय या उससे ठीक पहले बैंक खाते में जमा कर दिया जाता है। इस विस्तृत लेख में हम आपको इस योजना के मुख्य उद्देश्यों, लाभों, कानूनी आयु सीमा, पात्रता मानदंडों, आवश्यक दस्तावेजों की सूची और विभिन्न राज्यों के ऑनलाइन आवेदन करने के डायरेक्ट लिंक्स (State-Wise Links) को बहुत ही गहराई से समझा रहे हैं ताकि आप आसानी से इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

विवाह अनुदान योजना का मुख्य उद्देश्य (Objectives of the Scheme)

इस सामाजिक सुरक्षा योजना को शुरू करने के पीछे सरकारों के कई महत्वपूर्ण और दूरगामी उद्देश्य हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • गरीब, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक (Minorities) और सामान्य वर्ग के बीपीएल (BPL) परिवारों को बेटी के विवाह के समय आर्थिक सहायता प्रदान कर संबल देना।
  • बाल विवाह (Child Marriage) जैसी कुप्रथाओं को पूरी तरह से समाप्त करना, क्योंकि इस योजना का पैसा केवल तभी मिलता है जब वर और वधू दोनों की आयु कानूनी रूप से वैध हो।
  • समाज में बेटियों की शिक्षा और उनके अधिकारों को बढ़ावा देना और भ्रूण हत्या जैसी मानसिकता पर लगाम लगाना ताकि लोग बेटियों को बोझ न समझें।
  • गरीब परिवारों को स्थानीय साहूकारों या दलालों के चंगुल में फंसने से बचाना ताकि उन्हें शादी के लिए भारी ब्याज पर कर्ज न लेना पड़े।

महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन शुल्क (Dates & Application Fees)

इस योजना का आवेदन पोर्टल पूरे साल खुला रहता है, लेकिन इसमें समय-सीमा (Timeline) का एक कड़ा नियम होता है जिसका पालन करना अनिवार्य है:

महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates) आवेदन शुल्क संरचना (Application Fee)
  • ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया: साल भर निरंतर चालू है (Always Open)
  • आवेदन की समय-सीमा: शादी की निर्धारित तिथि से 90 दिन पहले (3 महीने पहले) से लेकर शादी संपन्न होने के अधिकतम 90 दिन बाद तक। अलग-अलग राज्यों में यह सीमा 30 दिन से 90 दिन की हो सकती है। इस अवधि के बीत जाने के बाद किया गया आवेदन स्वतः ही निरस्त हो जाता है।
  • General / OBC / EWS: ₹0/- (सर्वथा निशुल्क)
  • SC / ST / PH / विधवा आश्रित: ₹0/- (सर्वथा निशुल्क)
  • महत्वपूर्ण नोट: यह सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक जन-कल्याणकारी योजना है। इसके आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन या फॉर्म सबमिशन के लिए कोई भी शुल्क या फीस नहीं ली जाती है।

विवाह अनुदान योजना: कानूनी आयु सीमा मानदंड (Age Limit Criteria)

बाल विवाह को रोकने और कानूनी नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए इस योजना में उम्र का सत्यापन बहुत ही गहनता से किया जाता है। शादी के समय वर और वधू दोनों की आयु निम्नलिखित सीमा के अनुसार या उससे अधिक होनी अनिवार्य है:

वधू (लड़की) की न्यूनतम आयु : 18 वर्ष (Eighteen Years)

वर (लड़के) की न्यूनतम आयु : 21 वर्ष (Twenty-One Years)

नोट: आवेदन के समय वर और वधू दोनों की आयु प्रमाणित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र अपलोड करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। यदि उम्र एक दिन भी कम पाई जाती है, तो आवेदन को तुरंत खारिज कर दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

योजना के लिए आवश्यक पात्रता और शर्तें (Detailed Eligibility)

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को दिया जाता है जो गंभीर रूप से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। मुख्य पात्रता मानदंड इस प्रकार हैं:

  • मूल निवास: आवेदक परिवार (माता, पिता या वधू) संबंधित राज्य का स्थायी और वैध निवासी होना चाहिए।
  • आय सीमा का नियम: लाभार्थी परिवार की कुल वार्षिक आय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित गरीबी रेखा (BPL) की सीमा के भीतर होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, कई राज्यों में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वार्षिक आय ₹46,080 और शहरी क्षेत्रों के लिए ₹56,460 से अधिक नहीं होनी चाहिए। कुछ राज्यों में यह सीमा ₹1 लाख से ₹2 लाख तक भी शिथिल की गई है।
  • राशन कार्ड श्रेणी: आवेदक परिवार के पास वैध बीपीएल (BPL) राशन कार्ड, अंत्योदय अन्न योजना (AAY) कार्ड या गरीबी रेखा के नीचे का प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • बेटियों की संख्या की सीमा: एक माता-पिता या परिवार की अधिकतम दो (2) बेटियों को ही उनके जीवनकाल में इस योजना का लाभ मिल सकता है।
  • विशेष प्राथमिकता: ऐसी बेटियां जिनके पिता की मृत्यु हो चुकी है (विधवा की बेटी), या परिवार का कोई कमाने वाला सदस्य नहीं है, या जो निराश्रित/दिव्यांग श्रेणी में आते हैं, उन्हें योजना में सर्वोच्च प्राथमिकता और त्वरित स्वीकृति दी जाती है।

ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents Checklist)

ऑनलाइन आवेदन को त्रुटिहीन बनाने और पहली बार में ही स्वीकृत कराने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की ओरिजिनल प्रतियों को स्कैन करके (सही साइज में) अपने पास रख लें:

  • पहचान एवं ई-केवाईसी प्रमाण: वधू (लड़की) और वर (लड़के) दोनों का आधार कार्ड। (आवेदक का मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए)।
  • अभिभावक के दस्तावेज: माता या पिता का आधार कार्ड और पैन कार्ड।
  • आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): सक्षम राजस्व अधिकारी (जैसे तहसीलदार या लेखपाल) द्वारा जारी नवीनतम डिजिटल आय प्रमाण पत्र।
  • जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate): अनुसूचित जाति, जनजाति या पिछड़ा वर्ग का लाभ लेने के लिए डिजिटल जाति प्रमाण पत्र।
  • निवास प्रमाण पत्र (Domicile): राज्य का स्थायी निवासी होने का डिजिटल प्रमाण पत्र।
  • आयु का प्रामाणिक दस्तावेज (Age Proof): वर और वधू दोनों का जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र या 10वीं कक्षा की बोर्ड मार्कशीट।
  • शादी का प्रमाण (Marriage Proof): प्रिंटेड शादी का कार्ड (Wedding Invitation Card) या स्थानीय ग्राम पंचायत/नगर पालिका द्वारा जारी विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र।
  • बैंक खाता पासबुक: आवेदक (पिता, माता या स्वयं वधू) के नाम का चालू बैंक खाता, जो आधार से पूरी तरह लिंक (NPCI Mapper पर एक्टिव) हो, ताकि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का पैसा बिना किसी रुकावट के आ सके।
  • फोटोग्राफ्स: वर और वधू की अलग-अलग पासपोर्ट साइज फोटो और सगाई या शादी की एक संयुक्त (Joint) फोटो।

विवाह अनुदान योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Guide)

इस योजना की आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। आप नीचे दिए गए चरणों का हुबहू पालन करके घर बैठे या किसी भी इंटरनेट कैफे/सीएससी के माध्यम से अपना फॉर्म भर सकते हैं:

  1. आधिकारिक राज्य पोर्टल खोलें: सबसे पहले नीचे दी गई तालिका में से अपने राज्य के नाम के सामने दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करें।
  2. न्यू रजिस्ट्रेशन (New Registration): होमपेज पर आपको ‘नया पंजीकरण’, ‘Apply for Marriage Grant’ या ‘New User Registration’ का लिंक दिखेगा। अपनी जाति श्रेणी (जैसे SC/ST, OBC, General) के अनुसार सही लिंक का चयन करें।
  3. आधार वेरिफिकेशन और मोबाइल ओटीपी: आवेदक का आधार नंबर और चालू मोबाइल नंबर दर्ज करें। आपके मोबाइल पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, उसे भरकर सत्यापित करें। इससे आपकी कुछ बुनियादी जानकारी आधार से ले ली जाएगी।
  4. आवेदन पत्र भरें: अब आपके सामने एक विस्तृत फॉर्म खुलेगा। इसे तीन मुख्य भागों में ध्यानपूर्वक भरें:
    • आवेदक का विवरण: पिता/माता का नाम, वार्षिक आय, राशन कार्ड नंबर, जाति और पूरा पता भरें।
    • शादी और वधू/वर का विवरण: बेटी का नाम, उसकी जन्मतिथि, शादी की तारीख, सामूहिक विवाह है या व्यक्तिगत, और होने वाले दामाद (वर) का नाम, उसका पता और उसकी जन्मतिथि भली-भांति दर्ज करें।
    • बैंक खाते का विवरण: अपने बैंक का नाम, ब्रांच का नाम, खाता संख्या (Account Number) और 11 अंकों का IFSC कोड दर्ज करें। कृपया इसे अपनी पासबुक से मिलाकर दो बार जांच लें।
  5. दस्तावेज अपलोड करें (Upload Scanned Docs): मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों (जैसे आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, शादी का कार्ड, पासबुक और फोटो) को निर्दिष्ट बॉक्स में अपलोड करें। ध्यान रखें कि दस्तावेजों का साइज पोर्टल के नियमानुसार (आमतौर पर 100KB से 300KB के बीच) होना चाहिए। इसके लिए आप नीचे दिए गए टूल्स लिंक का उपयोग कर सकते हैं।
  6. फॉर्म की जांच और फाइनल सबमिट: फॉर्म सबमिट करने से पहले ‘Preview’ बटन पर क्लिक करके भरी गई सभी जानकारियों को एक बार अवश्य मिला लें, विशेषकर उम्र, शादी की तारीख और बैंक खाता नंबर। सब कुछ सही होने पर ‘Final Submit’ बटन पर क्लिक करें।
  7. पावती रसीद सुरक्षित रखें: सबमिट करते ही आपकी स्क्रीन पर एक Application Reference Number (एप्लीकेशन नंबर) या रजिस्ट्रेशन रसीद आ जाएगी। इसे डाउनलोड करके प्रिंट निकाल लें, क्योंकि इसी नंबर से आप अपने आवेदन का स्टेटस ट्रैक कर पाएंगे।

विभिन्न राज्यों के विवाह अनुदान योजना आधिकारिक डायरेक्ट लिंक्स (State-Wise Apply Links)

गलत और फर्जी वेबसाइट्स से सुरक्षित रहने के लिए नीचे दी गई आधिकारिक तालिका में भारत के प्रमुख राज्यों के सीधे और सुरक्षित लिंक दिए गए हैं। अपने राज्य के अनुसार लिंक पर क्लिक करें:

राज्य का नाम (State) ऑनलाइन आवेदन / आधिकारिक पोर्टल लिंक (Direct Apply Link)
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) यहाँ क्लिक करें (Apply Now)
बिहार (Bihar) यहाँ क्लिक करें (Apply Now)
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) यहाँ क्लिक करें (Apply Now)
हरियाणा (Haryana) यहाँ क्लिक करें (Apply Now)
महाराष्ट्र (Maharashtra) यहाँ क्लिक करें (Apply Now)
उत्तराखंड (Uttarakhand) यहाँ क्लिक करें (Apply Now)
राजस्थान (Rajasthan) यहाँ क्लिक करें (Apply Now)
झारखंड (Jharkhand) यहाँ क्लिक करें (Apply Now)
पंजाब (Punjab) यहाँ क्लिक करें (Apply Now)
ओडिशा (Odisha) यहाँ क्लिक करें (Apply Now)
तेलंगाना (Telangana) यहाँ क्लिक करें (Apply Now)
आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) यहाँ क्लिक करें (Apply Now)

दस्तावेज और फोटो टूलकिट लिंक (Premium Utilities)

सर्विस का नाम (Service Name) डायरेक्ट लिंक (Click Here)
शादी का कार्ड, फोटो व अन्य डाक्यूमेंट्स रिसाइज़ और कंप्रेस करने हेतु टूल्स यहाँ क्लिक करें (Click Here)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs – Marriage Grant Submissions)

Q1. विवाह अनुदान योजना का पैसा शादी होने के कितने दिन बाद तक मिल सकता है?

उत्तर: नियम के अनुसार, आपको बेटी की शादी की तारीख से अधिकतम 90 दिनों (3 महीने) के भीतर आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरकर फाइनल सबमिट करना होता है। यदि शादी हुए 90 दिन से अधिक का समय बीत जाता है, तो पोर्टल आपका आवेदन स्वीकार नहीं करेगा और आप इस वित्तीय सहायता से वंचित रह जाएंगे। इसलिए सलाह दी जाती है कि शादी तय होते ही (शादी से 1-2 महीने पहले) ही आवेदन कर दें।

Q2. क्या सामूहिक विवाह (Mass Marriage) में शादी करने पर भी यह अलग से पैसा मिलता है?

उत्तर: हाँ, बिल्कुल। यदि कोई गरीब परिवार सरकार द्वारा आयोजित ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के तहत अपनी बेटी की शादी करवाता है, तो उन्हें योजना के नियमानुसार नकद राशि, गृहस्थी का सामान और विवाह का पूरा खर्च सरकार द्वारा मुफ्त दिया जाता है। कई राज्यों में सामूहिक विवाह करने वाली बेटियों को व्यक्तिगत रूप से आवेदन करने पर भी अतिरिक्त या संयुक्त रूप से लाभ दिए जाने का प्रावधान है, जिसकी पुष्टि आप अपने स्थानीय ब्लॉक कार्यालय से कर सकते हैं।

Q3. अगर बेटी के माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है, तो इस योजना के लिए आवेदक कौन बनेगा?

उत्तर: ऐसी अत्यंत दुःखद स्थिति में, बेटी का जो भी कानूनी अभिभावक (Legal Guardian) है (जैसे उसका बड़ा भाई, चाचा, मामा या दादी), वह इस फॉर्म में मुख्य आवेदक बन सकता है। इसके लिए उन्हें माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र और स्थानीय वार्ड पार्षद या ग्राम प्रधान द्वारा जारी किया गया अभिभावक होने का प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। ऐसी स्थिति में पैसा या तो अभिभावक के खाते में या सीधे बेटी के खुद के बैंक खाते में भेजा जाता है।

Q4. क्या सामान्य वर्ग (General Category) के गरीब लोग भी इस योजना के पात्र हैं?

उत्तर: जी हाँ, अधिकांश राज्यों में यह योजना जाति पर आधारित न होकर आर्थिक स्थिति (Income Based) पर आधारित है। इसलिए अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ-साथ सामान्य वर्ग (General/EWS) के लोग भी इसके पात्र हैं, बशर्ते उनका परिवार गरीबी रेखा के नीचे (BPL) आता हो और उनके पास तहसील द्वारा जारी किया गया वैध आय प्रमाण पत्र और बीपीएल राशन कार्ड मौजूद हो।

Q5. फॉर्म ऑनलाइन सबमिट करने के बाद पैसा आने में कितना समय लगता है?

उत्तर: ऑनलाइन फॉर्म फाइनल सबमिट होने के बाद आपका आवेदन ग्रामीण क्षेत्र में **खंड विकास अधिकारी (BDO)** और शहरी क्षेत्र में **शहरी विकास अभिकरण (DUDA)** के पास स्क्रूटनी (जांच) के लिए जाता है। पटवारी या लेखपाल द्वारा आपके घर और आय का भौतिक सत्यापन किया जाता है। जांच प्रक्रिया पूरी होने और समाज कल्याण विभाग द्वारा बजट आवंटित होने के बाद, आमतौर पर 30 से 60 कार्य दिवसों (1 से 2 महीने) के भीतर सहायता राशि सीधे आपके आधार लिंक बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाती है।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख आम नागरिकों, गरीब परिवारों और जरूरतमंद अभिभावकों को भारत सरकार तथा विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा संचालित बेटी विवाह सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है। प्रत्येक राज्य के समाज कल्याण विभाग के नियम, देय वित्तीय सहायता राशि, पात्रता के मापदंड और वार्षिक आय की सीमा में सरकारों द्वारा प्रशासनिक या वित्तीय बदलाव किए जा सकते हैं। अतः किसी भी प्रकार के भ्रम या त्रुटि से बचने के लिए आवेदन करने से पूर्व अपने संबंधित राज्य के समाज कल्याण विभाग (Social Welfare Department) की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम शासनादेश और दिशा-निर्देशों (Guidelines) का गहनता से अवलोकन अवश्य करें।