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बाप-दादा की पुश्तैनी जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन कैसे चेक करें?

Baap Dada Ki Jameen Ke Kagaj Kaise Dekhe: बाप-दादा की पुश्तैनी जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन कैसे चेक करें? (विस्तृत जानकारी)

भारत में जमीन और जायदाद का विषय हमेशा से ही बहुत महत्वपूर्ण और संवेदनशील रहा है। अक्सर हम सुनते हैं कि हमारे बाप-दादा या परदादा (Ancestors) के पास किसी गांव या शहर में बहुत सारी जमीन हुआ करती थी, लेकिन आज की पीढ़ी को उस जमीन का सही अता-पता, खसरा नंबर या उसका वर्तमान कानूनी स्टेटस नहीं मालूम होता। कई बार पुश्तैनी जमीन (Ancestral Property) पर किसी और का कब्जा हो जाता है या सरकारी कागजों में पुरानी पीढ़ी का ही नाम चलता रहता है, क्योंकि समय पर दाखिल-खारिज (Mutation) नहीं कराया गया होता।

पहले के समय में अपने पूर्वजों की जमीन के कागज खोजने के लिए तहसीलों और पटवारी (लेखपाल) के दफ्तरों के महीनों तक चक्कर काटने पड़ते थे। धूल फांकती फाइलों में अपने परदादा का नाम खोजना भूसे के ढेर में सूई खोजने जैसा था। लेकिन अब भारत सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ (Digital India) मिशन के तहत देश के लगभग सभी राज्यों के राजस्व विभागों (Revenue Departments) ने अपने जमीन के रिकॉर्ड्स (Land Records / Bhulekh) को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है। अब आप घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से बाप-दादा की जमीन के कागज (खतौनी, जमाबंदी, अधिकार अभिलेख) बिल्कुल मुफ्त में देख सकते हैं। इस विस्तृत लेख में हम आपको इसकी पूरी ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रिया, आवश्यक जानकारी और सभी राज्यों के आधिकारिक डायरेक्ट लिंक्स प्रदान कर रहे हैं।

पुश्तैनी जमीन का रिकॉर्ड चेक करने के लिए क्या-क्या जानकारी चाहिए?

अपने पूर्वजों (बाप-दादा) की जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन खोजने के लिए आपके पास इनमें से कुछ बुनियादी जानकारियां होना आवश्यक है:

  • मूल नाम (Exact Name): आपके दादा, परदादा या उस पूर्वज का सही नाम जिसके नाम पर जमीन खरीदी गई थी या आवंटित हुई थी।
  • स्थान का विवरण: उस राज्य, जिला, तहसील, और विशेष रूप से उस गांव (Village/Mauza) का नाम जहाँ वह जमीन स्थित है।
  • खसरा या खाता नंबर (यदि हो): यदि आपके पास घर में कोई पुराना कागज, रसीद या बैनामा (Registry) पड़ा है जिसमें खसरा (Khasra), गाटा या खाता नंबर (Khata Number) लिखा है, तो जमीन खोजना 1 मिनट का काम है। यदि नंबर नहीं है, तो आप ‘नाम से’ भी खोज सकते हैं।

जमीन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण शब्द (Land Record Terminologies):

  • भूलेख (Bhulekh): जमीन का लिखित रिकॉर्ड।
  • खसरा (Khasra Number): हर जमीन के टुकड़े को सरकार द्वारा दिया गया एक यूनिक प्लॉट नंबर।
  • खतौनी / जमाबंदी (Khatauni / Jamabandi): यह एक महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है (Record of Rights), जिसमें जमीन के मालिक का नाम, जमीन का क्षेत्रफल (Area) और उस पर लिया गया लोन आदि दर्ज होता है।
  • दाखिल-खारिज (Mutation): सरकारी कागजों में जमीन के पुराने मालिक का नाम हटाकर (खारिज करके) नए मालिक का नाम दर्ज (दाखिल) करने की प्रक्रिया।

महत्वपूर्ण लिंक्स: सभी राज्यों के आधिकारिक भूलेख (Land Record) पोर्टल्स

हर राज्य का अपना एक अलग राजस्व पोर्टल होता है। हमने नीचे भारत के प्रमुख राज्यों के आधिकारिक और रियल वर्किंग लिंक्स (Real Working Links) की सूची दी है, जहाँ से आप अपनी जमीन के कागज देख सकते हैं:

राज्य का नाम (State) पोर्टल का नाम डायरेक्ट लिंक (Click Here)
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) UP Bhulekh (यूपी भूलेख) upbhulekh.gov.in
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) MP Bhulekh (एमपी भूलेख) mpbhulekh.gov.in
बिहार (Bihar) Bihar Bhumi (बिहार भूमि) biharbhumi.bihar.gov.in
राजस्थान (Rajasthan) Apna Khata (अपना खाता) apnakhata.rajasthan.gov.in
महाराष्ट्र (Maharashtra) MahaBhumi (महाभूमि) bhulekh.mahabhumi.gov.in
हरियाणा (Haryana) Jamabandi Haryana jamabandi.nic.in
झारखंड (Jharkhand) Jharbhoomi (झारभूमि) jharbhoomi.jharkhand.gov.in
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) CG Bhuiyan (भुइयां) bhuiyan.cg.nic.in
उत्तराखंड (Uttarakhand) Devbhoomi (देवभूमि) bhulekh.uk.gov.in

बाप-दादा की जमीन के कागज ऑनलाइन कैसे देखें? (Step-by-Step Online Process)

चूंकि पुश्तैनी जमीन के मामले में अक्सर हमें खसरा या खाता नंबर नहीं पता होता है, इसलिए हम “खातेदार के नाम से” (Search by Name) जमीन खोजना सीखेंगे। उदाहरण के तौर पर यहाँ उत्तर प्रदेश भूलेख (UP Bhulekh) की प्रक्रिया समझाई गई है, लगभग यही प्रक्रिया भारत के हर राज्य के पोर्टल पर होती है:

  • स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले ऊपर दी गई तालिका (Table) से अपने राज्य के भूलेख पोर्टल के लिंक पर क्लिक करें (जैसे- upbhulekh.gov.in)।
  • स्टेप 2: खतौनी / जमाबंदी का विकल्प चुनें: होमपेज पर आपको “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” या “View Jamabandi Nakal” का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें। सुरक्षा के लिए कैप्चा (Captcha) कोड भरें।
  • स्टेप 3: अपना जिला, तहसील और गांव चुनें: अब स्क्रीन पर राज्यों के जिलों की सूची आएगी। अपने उस जिले (District) को चुनें जहाँ आपके परदादा निवास करते थे या जमीन थी। इसके बाद अपनी तहसील (Tehsil) और अंत में गांव (Village / Mauza) का नाम चुनें।
  • स्टेप 4: ‘खातेदार के नाम द्वारा खोजें’ विकल्प पर क्लिक करें: चूंकि आपके पास खसरा नंबर नहीं है, इसलिए स्क्रीन पर दिए गए विकल्पों में से “खातेदार के नाम द्वारा खोजें” (Search by Account Holder’s Name) पर टिक करें।
  • स्टेप 5: पूर्वज का नाम दर्ज करें: अब स्क्रीन पर एक हिंदी कीबोर्ड खुलेगा। इसमें अपने दादा या परदादा के नाम के शुरुआती अक्षर (Starting letters) दर्ज करें (जैसे यदि नाम ‘रामप्रसाद’ है, तो ‘रा’ या ‘राम’ लिखें) और ‘खोजें’ (Search) बटन दबाएं।
  • स्टेप 6: सही नाम और पिता का नाम मिलान करें: सर्च करते ही उस गांव में उस नाम के सभी जमीन मालिकों की सूची आ जाएगी। यहाँ खातेदार के नाम के साथ उनके पिता का नाम भी लिखा होता है। सूची में अपने पूर्वज और उनके पिता के नाम का सही मिलान करें।
  • स्टेप 7: खतौनी देखें (View Record): सही नाम मिलने पर उस पर क्लिक करें और “उद्धरण देखें (View Citation/Record)” पर क्लिक करें।
  • स्टेप 8: रिकॉर्ड डाउनलोड/प्रिंट करें: अब आपकी स्क्रीन पर आपके बाप-दादा की पुश्तैनी जमीन का पूरा कागज (खतौनी) खुल जाएगा। इसमें जमीन का क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) और खसरा नंबर लिखा होगा। आप इसे PDF के रूप में सेव या प्रिंट कर सकते हैं।

चेतावनी / महत्वपूर्ण नोट:

ऑनलाइन निकाली गई यह खतौनी या जमाबंदी केवल “सूचना मात्र” (For Information Only) है। यह किसी भी कोर्ट या न्यायालय में कानूनी सबूत (Legal Evidence) के रूप में मान्य नहीं होती है। कानूनी कार्यवाही, कोर्ट केस, जमीन बेचने या बैंक से लोन लेने के लिए आपको तहसील से तहसीलदार या पटवारी के हस्ताक्षर वाली ‘प्रमाणित प्रति’ (Certified Copy) निकलवानी पड़ती है।

यदि ऑनलाइन रिकॉर्ड न मिले तो ऑफलाइन (Offline) कैसे खोजें?

कई बार जमीन बहुत पुरानी (50-60 साल पुरानी) होती है और भू-माफियाओं या रिश्तेदारों की मिलीभगत से रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट नहीं हो पाता है। ऐसी स्थिति में आपको ऑफलाइन प्रक्रिया अपनानी होगी:

  1. पटवारी/लेखपाल से संपर्क करें: अपने गांव के पटवारी से मिलें। पटवारी के पास पुराने मैनुअल रजिस्टर (शजरा, खसरा रजिस्टर, रजिस्टर-2) होते हैं। उन्हें अपने दादा/परदादा का नाम बताएं।
  2. पुराना रजिस्ट्री कार्यालय (Registrar Office): यदि आपको लगता है कि आपके पूर्वजों ने कोई जमीन खरीदी थी, तो उस जिले के सब-रजिस्ट्रार (Sub-Registrar) ऑफिस में जाकर ‘सर्च रिपोर्ट’ (Search Report) के लिए आवेदन करें। इसके लिए एक मामूली सरकारी फीस देकर आप 30 से 50 साल पुराने बैनामे (Registry) का रिकॉर्ड निकलवा सकते हैं।
  3. चकबंदी रिकॉर्ड (Chakbandi Records): अगर गांव में चकबंदी हुई है, तो तहसील के चकबंदी कार्यालय (Consolidation Office) से पुराने आकार पत्र (CH Form 41, 45) निकलवाकर आप जान सकते हैं कि पुरानी खतौनी में आपके दादा के नाम कितनी जमीन थी।

पुश्तैनी जमीन अपने नाम पर (दाखिल-खारिज) कैसे करवाएं?

यदि ऑनलाइन खतौनी चेक करने पर आपको पता चलता है कि जमीन अभी भी आपके स्वर्गीय दादा या पिता के नाम पर है, तो आपको इसे तुरंत अपने (और अन्य कानूनी वारिसों के) नाम पर ट्रांसफर कराना चाहिए। इस प्रक्रिया को ‘विरासत या फौती दर्ज कराना’ (Succession Mutation) कहते हैं:

  • इसके लिए आपको अपने अंचल/तहसील कार्यालय या राज्य के राजस्व पोर्टल पर ऑनलाइन ‘विरासत’ (Varasat / Succession) का फॉर्म भरना होगा।
  • इसके साथ मृतक पूर्वज का मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate), परिवार रजिस्टर की नकल, और सभी कानूनी वारिसों (Legal Heirs) का आधार कार्ड लगाना होगा।
  • लेखपाल/पटवारी अपनी रिपोर्ट लगाएगा और कोई आपत्ति न होने पर राजस्व अधिकारी (CO/Tehsildar) आदेश पारित कर देगा। इसके बाद ऑनलाइन पोर्टल पर आपके बाप-दादा की जगह आप सभी भाई-बहनों का नाम दिखने लगेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: पुश्तैनी जमीन पर मेरा कानूनी अधिकार (Legal Right) क्या है?

उत्तर: हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम (Hindu Succession Act) के अनुसार, पुश्तैनी (ancestral) संपत्ति में जन्म से ही बेटे और बेटियों का बराबर का अधिकार होता है। यदि परदादा/दादा ने कोई वसीयत (Will) नहीं की है, तो संपत्ति सभी कानूनी वारिसों में समान रूप से बांटी जाती है।

प्रश्न 2: क्या मैं बाप-दादा के नाम की जमीन को बेच सकता हूँ?

उत्तर: नहीं। जब तक आप तहसील में ‘विरासत’ या ‘दाखिल-खारिज’ के माध्यम से उस जमीन को अपने और अन्य वारिसों के नाम पर दर्ज (Transfer) नहीं करवा लेते, तब तक आप कानूनी रूप से उस जमीन की रजिस्ट्री (बिक्री) किसी और को नहीं कर सकते।

प्रश्न 3: मेरे दादा का नाम खतौनी में गलत लिखा है, इसे कैसे सुधारें?

उत्तर: यदि ऑनलाइन पोर्टल पर नाम की स्पेलिंग में कोई त्रुटि (Clerical Mistake) है, तो आपको अपनी तहसील के SDM या तहसीलदार न्यायालय में ‘धारा 32/38’ (राज्यों के अनुसार धारा बदल सकती है) के तहत नाम सुधार (Correction) का एक प्रार्थना पत्र देना होगा।

प्रश्न 4: मुझे अपनी जमीन का खाता या खसरा नंबर नहीं पता, सिर्फ नाम पता है, क्या रिकॉर्ड मिल जाएगा?

उत्तर: जी हाँ। लगभग सभी राज्यों के पोर्टल पर “खातेदार के नाम से खोजें” (Search by Name) का विकल्प होता है। आप अपने पूर्वज के नाम के शुरुआती अक्षर डालकर गांव के सभी लोगों की लिस्ट में से अपना रिकॉर्ड खोज सकते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

अपने बाप-दादा की पुश्तैनी जमीन की सही जानकारी होना हर नागरिक के लिए बहुत जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई संपत्ति विवाद (Property Dispute) न हो। भारत सरकार और राज्य सरकारों के भूलेख पोर्टल्स (Bhulekh Portals) ने इस प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और आसान बना दिया है। ऊपर दिए गए लिंक्स और स्टेप्स को फॉलो करके आप आज ही अपने पूर्वजों की जमीन का पूरा ब्योरा ऑनलाइन निकाल सकते हैं। यदि रिकॉर्ड ऑनलाइन मौजूद नहीं है, तो बिना देरी किए अपने राजस्व विभाग (Revenue Office) से संपर्क करें।

अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल सूचनात्मक, शैक्षणिक और जन-जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। जमीन से जुड़े नियम और कानून हर राज्य में अलग-अलग हो सकते हैं। किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद, जमीन की खरीद-बिक्री या उत्तराधिकार के दावों के लिए हमेशा किसी योग्य वकील (Property Lawyer) या अपने क्षेत्र के राजस्व अधिकारी (Tehsildar/SDM) से कानूनी सलाह अवश्य लें।