सभी राज्यों में किसान आईडी बनवाएँ, जानें लाभ और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture & Farmers Welfare) द्वारा देश के कृषि क्षेत्र में एक बहुत बड़ी डिजिटल और ऐतिहासिक क्रांति की शुरुआत की गई है, जिसका नाम है ‘एग्रीस्टैक’ (AgriStack – Digital Public Infrastructure for Agriculture)। जिस तरह देश के हर नागरिक की पहचान के लिए ‘आधार कार्ड’ (Aadhaar Card) बनाया गया है, बिल्कुल उसी तरह अब देश के हर एक वास्तविक किसान की पहचान के लिए ‘किसान रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) के तहत एक यूनिक ‘किसान आईडी’ (Farmer ID) बनाई जा रही है।
केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर एग्रीस्टैक योजना को लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत, किसानों का पूरा डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है जिसमें किसान की व्यक्तिगत जानकारी, उसके खेत/जमीन का पूरा रिकॉर्ड (खसरा-खतौनी), बैंक खाता और उगाई जाने वाली फसलों (Digital Crop Survey) की जानकारी एक ही जगह लिंक (Link) होगी। भविष्य में पीएम-किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), फसल बीमा और बीज-खाद पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके पास यह 11 या 14 अंकों की Farmer ID होगी। यदि आप एक किसान हैं, तो आपको बिना देरी किए अपने राज्य के AgriStack पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा लेना चाहिए। आइए इस लेख में किसान आईडी के फायदे, आवश्यक दस्तावेज और राज्यवार (State-wise) ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझते हैं।
एग्रीस्टैक (AgriStack) और किसान आईडी (Farmer ID) क्या है?
एग्रीस्टैक कृषि क्षेत्र के लिए एक ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ (DPI) है। इसे आसान भाषा में समझें तो यह किसानों का एक राष्ट्रीय डिजिटल रजिस्टर है। जब कोई किसान इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण करता है, तो उसके आधार कार्ड और राजस्व विभाग (Revenue Department) के जमीन के रिकॉर्ड को आपस में वेरीफाई करके लिंक कर दिया जाता है। सत्यापन के बाद किसान को एक अनोखा ‘Farmer ID’ नंबर जारी किया जाता है। एक बार यह आईडी बन जाने के बाद, किसान को किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए बार-बार पटवारी के चक्कर काटने, जमीन की फर्द (नकल) जमा करने या केवाईसी करवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह आईडी पूरे भारत में मान्य होगी।
Farmer ID बनवाने के सबसे बड़े लाभ (Key Benefits of Farmer Registry)
भारत सरकार का लक्ष्य बिचौलियों (Middlemen) को खत्म करना और वास्तविक किसानों तक सीधा लाभ पहुँचाना है। Farmer ID बनवाने से किसानों को निम्नलिखित जबरदस्त फायदे मिलेंगे:
| योजना / लाभ का प्रकार | किसान आईडी से मिलने वाली सुविधा |
|---|---|
| PM-KISAN ₹6000 सब्सिडी | भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की ₹2000 वाली किस्तें सीधे Farmer ID के आधार पर ही बैंक खाते में भेजी जाएंगी। बार-बार ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं करानी पड़ेगी। |
| Kisan Credit Card (KCC) लोन | बैंकों को आपकी जमीन का सारा डिजिटल रिकॉर्ड Farmer ID से मिल जाएगा, जिससे बिना ढेर सारे कागजों के कुछ ही मिनटों में KCC लोन (Frictionless Credit) पास हो जाएगा। |
| फसल बीमा (PMFBY) क्लेम | आपदा से फसल खराब होने पर मुआवजा सीधा आईडी के माध्यम से मिलेगा। ‘डिजिटल फसल सर्वेक्षण’ (e-Girdawari) के कारण बीमा कंपनियों को तुरंत सही नुकसान का पता चल जाएगा। |
| MSP पर फसल खरीद और सब्सिडी | सरकारी मंडियों (Mandi) में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी फसल बेचना आसान होगा। साथ ही बीज, खाद और कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे मिलेगी। |
रजिस्ट्रेशन के लिए पात्रता (Who is Eligible?)
किसान रजिस्ट्री (AgriStack) के तहत Farmer ID बनवाने के लिए मुख्य पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:
- जमीन का मालिकाना हक: भारत के वे सभी नागरिक जिनके नाम पर राज्य के राजस्व रिकॉर्ड (Revenue Records) में कृषि योग्य भूमि (Agricultural Land) दर्ज है।
- सह-खातेदार (Co-owners): यदि एक खेत के कई हिस्सेदार हैं (Joint Khata), तो सभी हिस्सेदार अपना अलग-अलग Farmer ID बनवा सकते हैं (उनके हिस्से की जमीन के आधार पर)।
- आयु सीमा: रजिस्ट्रेशन के लिए कोई विशेष आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है; किसान का नाम राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी) में होना चाहिए।
- बटाईदार/पट्टेदार किसान: कुछ राज्यों में भविष्य में बटाईदारों (Tenant Farmers) को भी इसमें शामिल करने का प्रावधान किया जा रहा है, लेकिन अभी प्राथमिकता भू-स्वामियों (Landowners) को है।
Farmer ID बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
राज्य के AgriStack पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करने या CSC सेंटर जाने से पहले आपको निम्नलिखित दस्तावेजों को तैयार रखना चाहिए:
- आधार कार्ड (Aadhaar Card): सबसे महत्वपूर्ण! आपका आधार कार्ड आपके मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए ताकि ई-केवाईसी (e-KYC) के लिए OTP आ सके।
- जमीन का रिकॉर्ड (Land Records): आपकी खेती की जमीन का खसरा नंबर, गाटा संख्या और खतौनी (RoR) की जानकारी।
- बैंक खाता (Bank Passbook): किसान का वह बैंक खाता जो आधार से लिंक (Aadhaar Seeded / DBT Enabled) हो।
- फोटोग्राफ: किसान की एक साफ पासपोर्ट साइज फोटो।
राज्य अनुसार AgriStack Farmer Registry पोर्टल लिंक्स (State-wise Registration Links 2026)
भारत सरकार ने प्रत्येक राज्य के लिए अलग-अलग सब-डोमेन (Sub-domain) वाले पोर्टल बनाए हैं। आप अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी Farmer ID जनरेट कर सकते हैं। नीचे सभी राज्यों के आधिकारिक डायरेक्ट लिंक दिए गए हैं:
| राज्य का नाम (State Name) | ऑफिशियल पोर्टल (Direct Apply Link) |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) | UP Farmer Registry (Click Here) |
| बिहार (Bihar) | Bihar Farmer Registry (Click Here) |
| राजस्थान (Rajasthan) | Rajasthan Farmer Registry |
| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) | MP Farmer Registry (Click Here) |
| हरियाणा (Haryana) | Haryana Farmer Registry (Click Here) |
| महाराष्ट्र (Maharashtra) | Maha Farmer Registry (Click Here) |
| छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) | CG Farmer Registry (Click Here) |
| उत्तराखंड (Uttarakhand) | UK Farmer Registry (Click Here) |
| गुजरात (Gujarat) | Gujarat Farmer Registry |
| ओडिशा (Odisha) | Odisha Farmer Registry |
| असम (Assam) | Assam Farmer Registry |
| आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) | AP Farmer Registry |
| तमिलनाडु (Tamil Nadu) | TN Farmer Registry |
| केरल (Kerala) | Kerala Farmer Registry |
Farmer Registry: ऑनलाइन आवेदन और आईडी बनाने की प्रक्रिया (Step-by-Step)
किसान घर बैठे अपने स्मार्टफोन से या अपने गांव के जन सेवा केंद्र (CSC Center), ग्राम पंचायत सचिवालय, या लेखपाल/पटवारी के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं। स्वयं ऑनलाइन प्रक्रिया इस प्रकार है:
- पोर्टल पर जाएं: ऊपर दी गई लिस्ट में से अपने राज्य के आधिकारिक एग्रीस्टैक पोर्टल (जैसे यूपी के लिए upfr.agristack.gov.in) पर क्लिक करें।
- लॉगिन / रजिस्ट्रेशन: होमपेज पर ‘Farmer Login / Registration’ के विकल्प पर क्लिक करें। अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP डालकर लॉगिन करें।
- आधार e-KYC: अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें। आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक 6 अंकों का OTP आएगा, उसे भरकर अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी करें। इससे आपका नाम, फोटो और पता स्वतः आ जाएगा।
- जमीन का विवरण जोड़ें (Add Land Details): अब आपको अपने खेत का विवरण जोड़ना होगा। अपना जिला, तहसील, और गांव चुनें। अपना खाता संख्या या खसरा/गाटा संख्या दर्ज करें।
- रिकॉर्ड मिलान: सिस्टम आपके द्वारा दी गई जानकारी को राजस्व विभाग (भूलेख/Bhulekh) के सर्वर से लाइव मैच करेगा।
- सहमति और सबमिट: अपनी जमीन के रकबे (Area) की पुष्टि करें और घोषणा पत्र (Consent) पर टिक करके फॉर्म को ‘Submit’ कर दें।
- Farmer ID प्राप्त करें: प्रक्रिया पूरी होते ही और पटवारी/सिस्टम द्वारा वेरीफाई होते ही, स्क्रीन पर आपकी Farmer ID (डिजिटल किसान कार्ड) जनरेट हो जाएगी। आप इसे पीडीएफ (PDF) में डाउनलोड कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या Farmer ID बनवाना सभी किसानों के लिए अनिवार्य (Mandatory) है?
उत्तर: जी हाँ। भारत सरकार धीरे-धीरे सभी सरकारी कृषि योजनाओं (जैसे PM-KISAN, KCC, सब्सिडी) को AgriStack से जोड़ रही है। यदि आप भविष्य में इन योजनाओं का लाभ लेना चाहते हैं, तो यह आईडी बनवाना अत्यंत अनिवार्य है।
प्रश्न 2: रजिस्ट्रेशन के लिए कितनी फीस (Charges) देनी होगी?
उत्तर: एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसान आईडी बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क (100% Free) है। सरकार द्वारा इसका कोई चार्ज नहीं लिया जा रहा है। यदि आप CSC सेंटर जाते हैं, तो वे केवल अपना मामूली ऑपरेटर चार्ज ले सकते हैं।
प्रश्न 3: मेरे पिताजी के नाम पर जमीन है, क्या मैं अपनी Farmer ID बनवा सकता हूँ?
उत्तर: नहीं। Farmer ID केवल उसी व्यक्ति के नाम पर बनेगी जिसका नाम सरकारी राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी/जमाबंदी) में भू-स्वामी (Landowner) के रूप में दर्ज है। यदि जमीन पिताजी के नाम है, तो आईडी भी उन्हीं की बनेगी।
महत्वपूर्ण अन्य डायरेक्ट लिंक्स (Important Direct Links)
| महत्वपूर्ण सेवाएँ (Service Name) | डायरेक्ट लिंक (Click Here) |
|---|---|
| AgriStack Farmer Registry (Central Portal) | यहाँ क्लिक करें |
| खतौनी, फोटो व अन्य डॉक्यूमेंट रिसाइज़ हेतु प्रीमियम टूल्स | Premium Online Tools |


